RJD नेता मनोज कुमार झा ने कहा, "... चुनाव आयोग को सुलभ होना चाहिए। उन्हें सुनना चाहिए... हमने चुनाव आयोग को अपनी सभी चिंताएं बताई थी। हमने कई सवाल पूछे थे... हमें किसी सवाल का ठीक से जवाब नहीं मिला... जब नए चुनाव आयुक्त ने अपना पदभार ग्रहण किया था तो उन्होंने कहा था कि राजनैतिक दलों से हमारा संवाद निरंतर रहेगा। इनकी कार्यशैली में यह परिलक्षित नहीं हो रहा है...
बिहार में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण ने राज्य में भारी अफरातफरी मचा दी है. 25 दिनों के भीतर फॉर्म भरने के निर्देश से लोगों में भारी असुविधा है. दस्तावेजों की जटिलता और सीमित समय के कारण लोगों को परेशानी हो रही है. पटना में गों को आवश्यक दस्तावेज जुटाने में मुश्किल हो रही है, जबकि ब्लॉक कार्यालयों में रिश्वत की मांग की जा रही है. आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी स्थिति विकट है. इसकी जटिल प्रक्रिया से लोगों का मताधिकार ही छिनने का खतरा है.
बिहार में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण ने राज्य में भारी अफरातफरी मचा दी है. 25 दिनों के भीतर फॉर्म भरने के निर्देश से लोगों में भारी असुविधा है. दस्तावेजों की जटिलता और सीमित समय के कारण लोगों को परेशानी हो रही है.
RJD नेता मनोज कुमार झा ने कहा, "... चुनाव आयोग को सुलभ होना चाहिए। उन्हें सुनना चाहिए... हमने चुनाव आयोग को अपनी सभी चिंताएं बताई थी। हमने कई सवाल पूछे थे... हमें किसी सवाल का ठीक से जवाब नहीं मिला... जब नए चुनाव आयुक्त ने अपना पदभार ग्रहण किया था तो उन्होंने कहा था कि राजनैतिक दलों से हमारा संवाद निरंतर रहेगा। इनकी कार्यशैली में यह परिलक्षित नहीं हो रहा है..."
बिहार में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण ने राज्य में भारी अफरातफरी मचा दी है. 25 दिनों के भीतर फॉर्म भरने के निर्देश से लोगों में भारी असुविधा है. दस्तावेजों की जटिलता और सीमित समय के कारण लोगों को परेशानी हो रही है.