केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार चुनाव 2025 पर कहा, "माहौल एकतरफा है और हम अपनी उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करेंगे. NDA ने समय पर सीटों का बंटवारा पूरा कर लिया जिससे बहुत सकारात्मक संदेश गया है... चूंकि महागठबंधन अपने लोगों को एकजुट रखने में असमर्थ है, इसलिए हमें अधिक सीटें जीतने की उम्मीद है। जो गठबंधन अपने सहयोगी दलों का ध्यान नहीं रख सकता, वह राज्य का ध्यान कैसे रखेगा?.बिहार की जनता महागठबंधन के नेताओं से ये सवाल पूछ रही है. NDA के नेता 14 नवंबर को फिर से दिवाली मनाएंगे
बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर जहां सियासी पारा हाई है वहीं चिराग पासवान की पार्टी को 29 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है। इसलिए एनडीए के सहयोगी दलों में भाजपा और जेडीयू के बाद चिराग पासवान की ही पार्टी है जिसको सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं वहीं बिहार चुनाव में लोजपा को 29 सीटें मिलने पर केंद्रीय मंत्री और लोजपा (आरवी) प्रमुख चिराग पासवान ने कहा, "मैं हमेशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी रहूंगा, जिन्होंने सिर्फ एक सांसद वाली पार्टी पर भरोसा किया और उसे 29 सीटें आवंटित कीं.प्रधानमंत्री मोदी ने मुझ पर जो विश्वास दिखाया है, और मुझे उन पर जो भरोसा है, उससे मुझे विश्वास है कि एनडीए चुनावों में बहुमत हासिल करेगा।"
उन्होंने इस बात पर कटाक्ष किया कि महागठबंधन के सहयोगी दल (जैसे राजद और कांग्रेस) कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ ही उम्मीदवार उतार रहे हैं। उन्होंने कहा, "राजनीति में 'फ्रेंडली फाइट' (दोस्ताना संघर्ष) जैसी कोई चीज नहीं होती है; या तो आप दोस्त हैं या आप एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं। "उन्होंने अपने गठबंधन NDA की तारीफ करते हुए कहा कि NDA पूरी तरह से एकजुट है, वहां सीटों का बंटवारा सम्मानजनक और समय पर हो गया है और कोई भ्रम नहीं है। इसके विपरीत, उन्होंने महागठबंधन को "बिखराव की कगार" पर बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि NDA बिहार में "ऐतिहासिक जीत" दर्ज करेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि महागठबंधन की आंतरिक कलह के कारण वे NDA को कई सीटों पर "वॉकओवर" दे रहे हैं। एक बयान में उन्होंने महागठबंधन को "लठबंधन" (लाठियों का गठबंधन) भी कहा, जो यह दर्शाता है कि इसे संभालना मुश्किल है और इसमें अराजकता है।