बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, "ये महागठबंधन नहीं महालठबंधन हो गया है। ये जनता देख रही है। माहौल NDA के पक्ष में है। जनता ने समझा है कि जो महागठबंधन सीट का बंटवारा नहीं कर सकता, उस महागठबंधन के हाथ में बिहार कभी सुरक्षित नहीं रह सकता।" बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान अपने चरम पर है. इसी राजनीतिक हलचल के बीच बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जहां एक ओर एनडीए में “पांच पांडवों जैसी चट्टानी एकता” है, वहीं महागठबंधन में सिरफुटव्वल की स्थिति बनी हुई है.
"महालठबंधन" (जो "महागठबंधन" और "लाठी/लठबंधन" शब्दों का मेल प्रतीत होता है) का प्रयोग यह दर्शाने के लिए किया गया है कि गठबंधन में एकता नहीं है, बल्कि घटक दल एक-दूसरे से लड़ रहे हैं और अंदरूनी मारामारी मची है। यह एकता केवल दिखावा है।
जायसवाल का कहना है कि महागठबंधन की इस अंदरूनी लड़ाई और टिकट वितरण की अव्यवस्था से बिहार की जनता में गलत संदेश गया है और मतदाता यह समझ चुके हैं कि ऐसे गठबंधन के हाथों में बिहार का भविष्य सुरक्षित नहीं है।
अपने बयान में, वह अक्सर एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की "चट्टानी एकता" और "सौहार्दपूर्ण" तरीके से समय पर सीट बंटवारा और उम्मीदवारों की घोषणा करने की बात कहकर महागठबंधन पर वार करते हैं।
संक्षेप में, "महालठबंधन" शब्द का उपयोग भाजपा अध्यक्ष ने महागठबंधन की अंदरूनी फूट, टिकटों की खरीद-फरोख्त के आरोप और सीट बंटवारे में विफलता को दर्शाने और उनका मज़ाक उड़ाने के लिए किया है।ये जनता देख रही है। माहौल NDA के पक्ष में है। जनता ने समझा है कि जो महागठबंधन सीट का बंटवारा नहीं कर सकता, उस महागठबंधन के हाथ में बिहार कभी सुरक्षित नहीं रह सकता।"बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, "ये महागठबंधन नहीं महालठबंधन हो गया है।