बिहार में बढ़ती सियासी सरगर्मियों के बीच कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशियों की एक और सूची जारी की है। छह प्रत्याशियों की इस सूची में तीन प्रत्याशी मुस्लिम हैं। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित एक सीट पर विनोद चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया है।कांग्रेस ने अररिया सीट से अबीदुर्र रहमान को मैदान में उतारा है। अमौर विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी ने जलील मस्तान को प्रत्याशी बनाया है। बारारी सीट से तौकीर आलम कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी होंगे। कहलगांव से प्रवीण सिंह कुशवाहा ताल ठोक रहे हैं, जबकि वाल्मिकी नगर विधानसभा सीट से सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया है।इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने जो दूसरी प्रत्याशी सूची जारी की थी, उसमें पांच प्रत्याशियों के नाम शामिल थे। इस लिस्ट में कांग्रेस ने नरकटियागंज, किशनगंज और पूर्णिया जैसी सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए कांग्रेस पार्टी ने जो पहली प्रत्याशी सूची जारी की है, इसमें 48 उम्मीदवारों के नाम का एलान किया गया था। पहली सूची में भागलपुर, बक्सर, औरंगाबाद, लखीसराय, सुल्तानगंज, बेगूसराय, खगड़िया, वैशाली, मुजफ्फरपुर और बेतिया विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारे गए।हालत ये हो गई कि महागठबंधन की भीतर ही पार्टियां चुनावी मैदान में एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं. सीट बंटवारे यहां ऐसा पेंच फंसा है कि 11 सीटों पर महागठबंधन के सहयोगी दल आमने-सामने हैं. पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव रविवार को हेलीकॉप्टर से सहरसा हवाई अड्डा पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव पर बिना नाम लिए जमकर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस अब किसी की खाद बनने का काम नहीं करेगी।महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर उठ रहे विवादों पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा गठबंधन धर्म निभाने में विश्वास रखती है, लेकिन अब पार्टी अपने आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी बिहार में अधिकार यात्रा निकालकर महागठबंधन को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग उस प्रयास को कमजोर कर रहे हैं।पप्पू यादव ने कहा कि कांग्रेस ने कभी सीटों को लेकर खींचतान नहीं की, लेकिन दलित और अति पिछड़ा समाज से आने वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। तेजस्वी यादव पर परोक्ष हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस फारबिसगंज सीट से अति पिछड़ी जाति के उम्मीदवार को टिकट देती है, तो धनबल और बाहुबल वाले उम्मीदवार उतारकर उनका अपमान किया जा रहा है।
महागठबंधन में से 6 सीटों पर आरजेडी-कांग्रेस, तीन सीटों पर सीपीआई-कांग्रेस और दो सीटों पर आरजेडी-वीआईपी आमने-सामने हैं. दूसरे चरण के मतदान के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार (19 अक्टूबर 2025) को खत्म हो रहा है. बताया जा रहा है एक-दूसरे की सीट पर दावा करने के कारण आरजेडी और कांग्रेस के नेताओं में बातचीत बंद है. आरजेडी लगातार अपने उम्मीदवारों को सिंबल बांट रही है. बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम के खिलाफ कुटुम्बा सीट से आरजेडी ने सुरेश पासवान उतार दिया है. राजेश राम ने यहां तक कह दिया कि तेजस्वी यादव गठबंधन के समझौते के खिलाफ काम कर रहे हैं और दलितों के प्रतिनिधित्व को कमजोर कर रहे हैं. आरजेडी के अनुसार उसने दिनारा, डिहरी, सासाराम, नवीनगर, नोह, रफीगंज, टिकारी, नवादा, रजौली, रून्नीसैदपुर, सुरसंड और बाजपट्टी सीटों पर उम्मीदवारों को सिंबल नहीं सौंपा है. डिहरी और सासाराम सीट पर कांग्रेस और आरजेडी दोनों दावा कर रही है. कहलगांव, वैशाली, लालगंज, सिकंदरा, कुटुंबा और वारिसलीगंज सीटों पर आरजेडी और कांग्रेस आमने-सामने है. बेगूसराय जिले के बछवाड़ा सीट से कांग्रेस और सीपीआई दोनों के उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. इस सीट की वजह से सीपीआई ने रोसड़ा, बिहारशरीफ और राजापाकड़ से भी अपने उम्मीदवार उतार दिए. उसी तरह तारापुर और चैनपुर सीट से वीआईपी और आरजेडी के उम्मीदवार आमने-सामने हैं. चैनपुर सीट से आरजेडी ने दो दिन पहले बृज किशोर बिंदु को सिंबल सौंपा, जिसके बाद VIP ने भी अपने प्रदेश अध्यक्ष बालगोविंद बिंद को यहां का प्रत्याशी बना दिया. महागठबंधन के कोई नेता खुलकर इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रहे हैं, जिस वजह से घटक दल के कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.