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Azam Khan: आजम खान को बहुत बड़ी राहत, RSS से जुड़ा क्या था मामला? | Amar Ujala

Sat, 08 Nov 2025 12:24 AM IST
तन्मय बरनवाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सपा नेता एक बार फिर चर्चा में है। मामला बेल से जुड़ा हुआ है समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां को सरकारी लेटर पैड और मुहर का प्रयोग कर आरएसएस, भाजपा और शिया नेता कल्बे जवाद की मानहानि के आरोप मामले में एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम आलोक वर्मा ने आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने आजम को बरी करते हुए कहा कि विवेचक ने प्रेस से संबंधित संपादक, रिपोर्टर को बतौर गवाह पेश नहीं किया, जो तथ्यों के विषय में प्रामाणिक साक्ष्य दे सकता था। आजम के बेटे अब्दुल्ला समर्थकों के साथ शुक्रवार शाम पांच बजे कोर्ट पहुंचे। बता दे की कोर्ट ने आगे कहा कि अभियोजन ने जो भी मानहानि करने वाले कागजात दाखिल किए हैं वे सब मूल रूप में नहीं हैं। ये कानून की नजर में साक्ष्य के रूप में स्वीकार किए जाने योग्य नहीं हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि यह स्थापित कानून है कि किसी दस्तावेज की छायाप्रति सर्वोत्तम साक्ष्य नहीं होता और उसके आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि वादी इस मामले का पीड़ित नहीं था और उसके पास पीड़ित व्यक्ति की तरफ से मुकदमा करने की आवश्यक अनुज्ञा भी नहीं थी। वहीं, वादी और पीड़ित ने बयान दिया कि आरोपी आजम के प्रेस रिलीज से शिया सुन्नी धर्म और पीड़ित का कोई नुकसान नहीं हुआ बल्कि कौम की तारीफ हुई है। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन ने जिन गवाहों को पेश किया वह आरोपी के खिलाफ आरोपों को साबित करने की जगह उसके पक्ष में ही रहे। वहीं, अभियोजन की तरफ से विवेचना के दौरान की गई त्रुटियां और आवश्यक साक्ष्य को कोर्ट में न पेश करना आरोपी को फायदा पहुंचा गई।बरहाल लखनऊ एमपी एमएलए कोर्ट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म ख़ान को आज बरी कर दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि वादी खुद को इस मुकदमे का पीड़ित साबित नहीं कर सके. इस मुकदमे से संबंधित कोई भी दस्तावेजी सबूत या गवाह भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ

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