फिल्मी कलाकारों क़ी राम लीला के विरोध में अयोध्या के साधु-संतों ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने साफ कहा कि श्रीराम नगरी अयोध्या की रामलीला में अब फिल्मी हीरो-हीरोइन नहीं आने चाहिए। उन्होंने अयोध्या मे होने वाली फिल्मी कलाकारों की रामलीला का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। साधु-संतों का यह मानना है मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की लीलाओ का फिल्मी अंदाज में प्रस्तुतीकरण कर उसकी मूल भावनाओं से छेड़खानी की जा रही है। साधु-संतों की बैठक में उपस्थित सिद्ध हनुमानगढ़ी के पुजारी व संकटमोचन सेना के प्रमुख महंत संजय दास ने इस रामलीला का प्रबल विरोध करते हुए कहा कि मनोरंजन की आड़ में फिल्मी रामलीला न सिर्फ मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की मर्यादा को प्रभावित कर रही है बल्कि उनकी लीला को विकृत कर करोड़ों रामभक्तों की आस्था को चोट पहुंचाई जा रही है।
आपको बता दे की 22 सितंबर से दो अक्तूबर तक फिल्मी सितारों से सजी अयोध्या की रामलीला आयोजित होगी। हर रोज शाम सात बजे से रात 10 बजे तक रामलीला चलेगी।खास बात यह है कि इसका सीधा प्रसारण यूट्यूब समेत कई चैनलों पर किया जाएगा। इस बार रामलीला में बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की कई नामी हस्तियां अहम किरदार निभाएंगी। परशुराम के किरदार में मशहूर एक्टर पुनीत इस्सर नजर आएंगे। रजा मुराद अहिरावण के किरदार में होंगे। राजेश पुरी हनुमान जी की भूमिका निभाएंगे। अवतार गिल जनक बनेंगे। राकेश बेदी विभीषण और रावण की भूमिका मनीष शर्मा निभाएंगे। खैर ये पहली बार नहीं है जब इसका विरोध हो रहा हो। इससे पहेल भी मामला सामने आया था बता दें कि साधु-संतों ने वर्ष 2021 में अयोध्या के बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास ने हिन्दू पर्सनल लॉ बोर्ड के लेटर पैड पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या के जिलाधिकारी के माध्यम से फिल्मी रामलीला को बंद करने के संदर्भ करने ज्ञापन भी दिया जा चुका है.