असम, केरल और पुदुचेरी में हुए हालिया चुनावों के तहत मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया, जिसके साथ ही इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक अहम चरण पूरा हो गया। Assam में कई चरणों में मतदान कराया गया, जहां मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला और ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों तक लोगों ने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनी रहे। वहीं Kerala में परंपरागत रूप से उच्च मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया, जहां मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्रों पर कतारों में नजर आए। केरल में मुख्य मुकाबला प्रमुख गठबंधनों के बीच रहा, जिसमें राजनीतिक दलों ने जोरदार प्रचार अभियान चलाया था।
दूसरी ओर Puducherry में भी मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ, जहां स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति का भी असर देखने को मिला। यहां भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी। इन तीनों क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए मतदान कराया गया और अधिकांश स्थानों पर तकनीकी रूप से प्रक्रिया सुचारु रही।
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान के दौरान कहीं-कहीं मामूली झड़पों या तकनीकी बाधाओं की खबरें जरूर आईं, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति नियंत्रण में रही और मतदान प्रक्रिया पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती और अतिरिक्त बलों की तैनाती की, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
मतदान समाप्त होने के बाद अब सभी की नजरें मतगणना पर टिकी हैं, जो निर्धारित तिथि पर कराई जाएगी। राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे करना शुरू कर दिए हैं, जबकि एग्जिट पोल के नतीजे भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि, अंतिम परिणाम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे। इन चुनावों के नतीजे न केवल इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसके प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।