मणिपुर में 19 सितंबर को असम राइफल्स के काफिले पर हुए घात लगाकर हमले के मुख्य आरोपी को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया है। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए थे और पांच अन्य घायल हुए थे। मणिपुर के पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह ने बुधवार को बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर इंफाल वेस्ट, बिष्णुपुर जिला पुलिस, 33 असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा बलों ने बुधवार तड़के करीब एक बजे कामेंग इलाके में विशेष अभियान चलाया।
इस दौरान 47 वर्षीय खोमद्राम ओजित सिंह उर्फ केइलाल को पकड़ा गया। पुलिस की पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह पीएलए का जमानत पर बाहर आया सदस्य है और सीधे तौर पर 19 सितंबर के हमले में शामिल था। उसकी निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल किए गए बड़ी संख्या में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी असम राइफल्स कर्मियों पर गोलीबारी करने के बाद, अन्य व्यक्तियों के साथ लोकतक झील की ओर भाग गया और अपने हथियार और गोला-बारूद को एक गुप्त स्थान पर छिपा दिया था। पुलिस ने बताया कि बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
यह हमला शाम करीब 6 बजे बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लीकाई इलाके में हुआ था। असम राइफल्स के जवानों का वाहन इंफाल से बिष्णुपुर की ओर जा रहा था। तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अचानक काफिले पर फायरिंग शुरू कर दी थी। गुवाहाटी के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, 33 असम राइफल्स के जवानों की एक वाहन-आधारित टुकड़ी अपने पटसोई कंपनी ऑपरेटिंग बेस से नाम्बोल कंपनी ऑपरेटिंग बेस की ओर बढ़ रही थी।
इस दौरान नाम्बोल सबल लीकाई में, हाईवे पर टुकड़ी पर हमला किया गया था। आपको बता दें कि असम राइफल्स पूर्वोत्तर क्षेत्र में सीमा सुरक्षा और आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात सबसे अहम अर्धसैनिक बल है।