एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं, "एनसीपी की बात करें तो शरद पवार ने अजीत पवार को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। जो अपने चाचा का ना हुआ, वो लातूर का होता? वो मोम के बने हैं। बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन तुरंत पिघल जाते हैं। पुणे में चुनाव होने वाले हैं (पुणे नगर निगम चुनाव)। उन्होंने भाजपा के खिलाफ कुछ कहा। शाम को उन्हें फटकार लगाई गई, और अगले दिन उन्होंने कहा कि भाजपा से उनके कोई बुरे संबंध नहीं हैं। अगर आप एनसीपी और अजीत पवार को वोट देंगे, तो यह मोदी को वोट देने के बराबर होगा। वो भाजपा और मोदी के साथ हैं।"
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं, "मैं भाजपा के लोगों से पूछना चाहता हूं - आप ट्रंप से इतना क्यों डरते हैं? ट्रंप का नाम सुनते ही सब शांत हो जाते हैं। ट्रंप कहते हैं कि मोदी अच्छे आदमी हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें (अमेरिकी राष्ट्रपति को) खुश करने के लिए सब कुछ किया। वह 133 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं। 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन भाजपा के लोग चुप हैं। वे उनके बारे में बोलने से डरते हैं। सम्मान नाम की भी कोई चीज होती है - किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश का। कोई भी हमारे देश का अपमान नहीं कर सकता.कुछ बोलो। आप हिंदू-मुस्लिम पर बोलेंगे, लव जिहाद पर बोलेंगे, आप कहेंगे कि कोई बांग्लादेशी है। आप किसानों की मौत पर, युवा बेरोजगारी पर, ट्रंप के बयान पर चुप रहेंगे।"
ओवैसी ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने की घटना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि "अगर अमेरिकी राष्ट्रपति दूसरे देश में घुसकर किसी राष्ट्रपति को ला सकते हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान जाकर 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड को भारत वापस क्यों नहीं लाते?" उन्होंने भाजपा की 'मजबूत' छवि पर सवाल उठाते हुए इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया।
उन्होंने कहा कि भारत किसी एक विशेष धर्म का नहीं बल्कि सबका है और सभी को संविधान के दायरे में रहकर अपने अधिकार मांगने चाहिए।
वक्फ संपत्तियों और मदरसों को लेकर चल रहे विवादों पर उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए इसे समुदाय को निशाना बनाने की साजिश करार दिया। उन्होंने भाजपा नेताओं के 'बटेंगे तो कटेंगे' जैसे नारों पर पलटवार करते हुए इसे भाईचारे के खिलाफ बताया।