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Shefali Jariwala Death Reason: उम्र रोकने की दवाएं बनीं कार्डियक अरेस्ट की वजह? एक्सपर्ट से सुनिए

Sun, 29 Jun 2025 03:34 PM IST
पल्लवी कश्यप वीडियो डेस्क/ अमर उजाला डॉट कॉम

शेफाली जरीवाला की मौत की वजह का खुलासा अब तक नहीं हुआ है। लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर एंटी एजिंग दवाओं का जिक्र हो रहा है। तो क्या सच में एंटी एजिंग दवाओं से हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का खतरा होता है। जानिए एक्सपर्ट से। साफ सीधे शब्दों में कहा जाए तो एंटी-एजिंग मेडिसिन का काम होता है कि स्किन पर बढ़ती उम्र के दिखने वाले संकेतों को कम करना ताकि आप देखने में जवान लग सकें। ये दवा उम्र बढ़ने से जुड़ी धमनीकाठिन्य और कैंसर जैसी बीमारियों की संभावना को भी कम करती है रिसर्च की माने तो, एंटी-एजिंग दवाएं ‘चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा का एक हिस्सा हैं, जो उम्र से जुड़े डिटेक्शन, प्रीवेंशन और इलाज के लिए एडवांस साइंस का इस्तेमाल करती है'।अगर किसी व्यक्ति को बहुत एक्सटेंसिव हार्ट अटैक भी आ जाए, तो उससे कार्डियक अरेस्ट हो सकता है. हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से बचने के लिए लोगों को किसी भी दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए. अगर कोई एंटी एजिंग ड्रग्स लेना चाहता है, तो उसे हर हाल में कार्डियोलॉजिस्ट से पहले सलाह लेनी चाहिए. हार्ट डिजीज के मरीजों को किसी भी तरह की दवा अपनी मर्जी से नहीं लेनी चाहिए, वरना इस कंडीशन में यह ज्यादा खतरनाक हो सकती है. ऐसा चिकित्सा विज्ञान पहले उम्र बढ़ने के कारणों पर ध्यान केंद्रित करता है और फिर इस प्रक्रिया को कम करता है। एंटी-एजिंग दवा ऑक्सीडेटिव तनाव, डीएनए डैमेज, सूजन और हार्मोनल असंतुलन (जो सभी उम्र बढ़ने में योगदान करते हैं) से निपटने के लिए सेलुलर और आणविक स्तरों पर काम करती हैं। कार्डियोलॉजिस्ट की मानें तो हार्ट अटैक आने के बाद मरीज को कुछ घंटे मिलते हैं, जिसमें इलाज मिल जाए तो मरीज की जान बच जाती है. जबकि कार्डियक अरेस्ट में लोगों को सोचने-समझने का मौका ही नहीं मिलता है.

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