SSP प्रमेंद्र डोभाल ने अंकिता भंडारी केस पर कहा, "आज उर्मिला सनावर द्वारा SIT के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए गए हैं और उनसे आगे की जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा गया है उनके पास जो रिकॉर्डिंग हैं, उनको FSL भेजा जाएगा
देहरादून के नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थाना पुलिस ने उर्मिला से लगभग 5 घंटे तक पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। इस दौरान एक महिला एएसपी और एक आईपीएस अधिकारी मौजूद थे। उर्मिला ने दावा किया है कि उन्होंने अंकिता हत्याकांड से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सबूत (ऑडियो रिकॉर्डिंग्स) पुलिस को सौंप दिए हैं। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन से कई ऑडियो रिकॉर्डिंग्स जब्त की हैं। पुलिस ने बताया कि उर्मिला द्वारा दी गई ऑडियो और वीडियो क्लिप्स को सत्यता जांचने के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
जांच अधिकारियों ने उर्मिला के बयानों की भी ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग की है ताकि भविष्य में कोई विरोधाभास न रहे। उर्मिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिस 'VIP' का जिक्र हो रहा था, वह भाजपा के एक वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने इसमें भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिया था। उन्होंने पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर के साथ अपनी बातचीत के कुछ ऑडियो वायरल किए थे, जिसमें इस हत्याकांड और VIP एंगल को लेकर चर्चा होने का दावा किया गया था।
पूछताछ के बाद उर्मिला ने एसएसपी देहरादून को पत्र सौंपकर अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। भाजपा नेता दुष्यंत गौतम ने इन आरोपों को "साजिश" बताते हुए उर्मिला और सुरेश राठौर के खिलाफ मानहानि और साजिश का मुकदमा दर्ज कराया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में निर्देश दिया है कि दुष्यंत गौतम का नाम इस केस से जोड़ने वाले सभी वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया से 24 घंटे के भीतर हटा दिए जाएं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की है और आश्वासन दिया है कि यदि परिवार चाहेगा तो सरकार CBI जांच की सिफारिश करने के लिए तैयार है। पुलिस का कहना है कि अभी तक उर्मिला के दावों के अलावा कोई ठोस स्वतंत्र सबूत सामने नहीं आया है, इसलिए फॉरेसिक रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई तय होगी।