त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की मौत पर SSP देहरादून अजय सिंह ने कहा, "भीड़ वाले समय पर यह हादसा हुआ था। पीड़ित के भाई ने थाने पर आकर हादसे की शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत सुनने के बाद तुरंत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी थी.दुकाने खुलने के बाद हादसे की CCTV फुटेज देखी गई और फिर पता चला की 9 तारीख की शाम यहां एक झगड़ा हुआ था। पुलिस द्वारा एक टीम गठित की गई जिन्हें पता लगाना था कि आखिर वे 6 लोग कौन हैं जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है.टीम द्वारा 5 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। छठा अभियुक्त नेपाल से है और यह 2 देशों का मामला है। इस छठे अभियुक्त पर भी हमारी टीम काम कर रही है। इस अभियुक्त पर 1 लाख का ईनाम रखा गया है.मामले की जांच जारी है और इसे वरिष्ठ अधिकारियों को दे दिया गया है।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की दुखद मृत्यु के मामले में स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि अब तक की पुलिस जांच और प्रारंभिक पूछताछ में घटना के नस्लीय (Racial) होने के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। एसएसपी के अनुसार, यह विवाद 9 दिसंबर को सेलाकुई क्षेत्र में एक जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुई "हॉट-टॉक" (कहासुनी) और गलतफहमी के कारण शुरू हुआ था, जो बाद में हिंसक मारपीट में बदल गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मुख्य आरोपियों में से एक खुद मणिपुर (उत्तर-पूर्व) का निवासी है और अन्य आरोपी भी पर्वतीय क्षेत्रों से हैं, इसलिए इसे नस्लीय भेदभाव का मामला मानना जल्दबाजी होगी।
एसएसपी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बहस एक मामूली बात पर शुरू हुई थी। मृतक एंजेल चकमा और उनके भाई को लगा कि आरोपी उन पर कोई टिप्पणी कर रहे हैं, जिससे विवाद बढ़ गया। पुलिस ने मामले में कुल 6 आरोपियों को नामजद किया है, जिनमें से 5 को गिरफ्तार कर लिया गया है (इसमें 2 नाबालिग शामिल हैं जिन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है)।
मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी, जो नेपाल का मूल निवासी है, फिलहाल फरार है। पुलिस ने उस पर ₹1 लाख (पहले ₹25,000) का इनाम घोषित किया है और उसकी तलाश में टीमें नेपाल भी भेजी गई हैं।
एंजेल चकमा की 26 दिसंबर को इलाज के दौरान हुई मौत के बाद, पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) में हत्या (धारा 103 BNS) की धाराएं जोड़ दी हैं। एसएसपी अजय सिंह ने यह भी आश्वासन दिया है कि देहरादून में रहने वाले उत्तर-पूर्व के सभी छात्र सुरक्षित हैं और पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है।