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अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर Om Birla को लिखी चिट्ठी। Amit Shah Letter to OM Birla | Parliament Session

Wed, 12 Aug 2026 04:07 PM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

संसद के मानसून सत्र के खत्म होने से ठीक एक दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने NEET परीक्षा और छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर बड़ा दांव चला है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा था और सदन में हंगामा भी हो रहा था। इसी बीच अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर NEET परीक्षा पर छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है। इतना ही नहीं, गृहमंत्री ने साफ कहा है कि वह खुद सदन में मौजूद रहकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

अमित शाह ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार की ओर से संसद में NEET परीक्षा पर छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमति दी है। यानी सरकार की ओर से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पहले ही हामी भरी जा चुकी है।

लेकिन गृहमंत्री ने विपक्ष पर सवाल भी खड़े किए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग किए जाने से पहले ही मौजूदा सत्र में लोक परीक्षा यानी अनुचित साधनों की रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो चुकी है। अमित शाह ने दावा किया कि इस चर्चा के दौरान विपक्ष के किसी भी सांसद ने सदन में NEET परीक्षा को लेकर कोई विचार व्यक्त नहीं किया।

इसके बावजूद सरकार इस मुद्दे पर दोबारा चर्चा के लिए तैयार है।

अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर से अनुरोध किया कि विपक्ष से चर्चा कर आपसी सहमति से जितना समय उचित समझा जाए, उतना समय इस विषय पर चर्चा के लिए आवंटित किया जाए। उन्होंने कहा कि वह निर्धारित समय के दौरान सदन में मौजूद रहेंगे और चर्चा में भाग लेंगे।

सबसे अहम बात यह रही कि गृहमंत्री ने विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर विपक्ष के सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार हैं।

अमित शाह ने अपनी चिट्ठी में लोकतंत्र और संसदीय संवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चर्चा और संवाद के जरिए ही समाधान निकलता है। लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं में उनका अटूट विश्वास है और संसद चर्चा और संवाद के लिए ही है।

गृहमंत्री ने स्पीकर से यह भी आग्रह किया कि विपक्ष के नेताओं से बातचीत करके इस महत्वपूर्ण विषय पर अच्छे वातावरण में चर्चा कराई जाए, ताकि पक्ष और विपक्ष के सभी सांसद इस मुद्दे पर अपने विचार रख सकें।

अब सवाल है कि मानसून सत्र के आखिरी दिन NEET छात्र प्रदर्शन पर संसद में चर्चा हो पाएगी या नहीं? क्योंकि एक तरफ विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार की ओर से अब खुद गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में जवाब देने की पेशकश कर दी है।

यानी संसद के सत्र के आखिरी पड़ाव में NEET का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। अमित शाह की चिट्ठी के बाद अब नजर इस बात पर है कि विपक्ष इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है या फिर सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर सियासी टकराव आगे भी जारी रहता है।

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