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Amarnath Yatra 2025 : अभेद्य किले में तब्दील हुआ अमरनाथ यात्रा का रास्ता, ऐसे होगी कड़ी निगरानी !

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Fri, 27 Jun 2025 06:15 PM IST

तीन जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। अब यात्रियों को अकेले शपर करने की अनुमति नहीं होगी। वह सुरक्षा काफिले के साथ ही सफर करेंगे। डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार और आईजीपी बीएस तूती ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। इस दौरान सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस साल अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हो रही है। इसे लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। आईजीपी बीएस तूती ने बताया कि एक जुलाई से ट्रैफिक पुलिस की विशेष एडवाइजरी लागू होगी। हर यात्री को सुरक्षा काफिले के साथ ही यात्रा करनी होगी। स्वतंत्र यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। लखनपुर से जम्मू तक नेशनल हाइवे 44 मार्ग पूरी तरह सुरक्षा घेरे में रहेगा। इसके साथ ही कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि निगरानी प्रभावी रूप से की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों को नियमों का पालन करना होगा और अकेले यात्रा करने से बचना चाहिए। सुरक्षा की दृष्टि से सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं। जम्मू जोन के IGP भीम सेन तूती ने कहा, "हम लखनपुर से बनिहाल तक पूरे इलाके में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था कर रहे हैं, ऐसा पहले भी होता था लेकिन इस बार व्यवस्था काफी बेहतर तरीके से की गई है... पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर CCTV लगाए गए हैं... जहां भी जरूरत होगी ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। बसंतगढ़ मुठभेड़ पर उन्होंने कहा, "बसंतगढ़ में कल से मुठभेड़ चल रही थी, वहां चार आतंकवादी थे जिनमें से हमने कल एक को मार गिराया, बाकी तीन की तलाश जारी है
वहीं IGP कश्मीर वी.के. बिरदी ने कहा, "दोनों ट्रैक पर समान सुरक्षा व्यवस्था की गई है। तीर्थयात्रियों की यात्रा सुखद, आसान और सुगम बनाने के लिए बालटाल कैंप में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं... जहां तक संभव हो, यात्री मुख्य काफिले के साथ आएं... लोगों से अनुरोध है कि इस तरफ आने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर जांच लें ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।"
30 जून से भगवती नगर बेस कैंप पर ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य होगा और आरएफआईडी कार्ड बनाए जाने के लिए 5 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। यात्रियों को 180 स्थानों पर तैनात प्रशासनिक व सुरक्षा टीमें सहयोग करेंगी। इस वर्ष रेलमार्ग से अमरनाथ यात्रा की अनुमति नहीं दी गई है। सभी श्रद्धालुओं को सिर्फ निर्धारित सड़क मार्ग और सुरक्षा काफिले के माध्यम से ही यात्रा करनी होगी। इसके अलावा, बुद्धा अमरनाथ यात्रा के लिए अलग से जिला स्तर पर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन अनिवार्य होगा। रमेश कुमार ने बताया कि 2 जुलाई को सुबह उपराज्यपाल यात्रा की विधिवत शुरुआत करेंगे। इस बार तीन प्रकार के दर्शन उपलब्ध होंगे और पंजीकरण की सुविधा ऑनलाइन और बैंक माध्यमों से भी उपलब्ध है।
 

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