India Bangladesh Border: असम का धुबुरी सेक्टर... भारत–बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा का वो इलाका है, जहां सरहद जमीन पर नहीं, बल्कि ब्रह्मपुत्र नदी की लहरों पर भी बहती है। वहीं भारत की सुरक्षा का असली प्रहरी बनकर खड़े हैं बीएसएफ के जवान। कभी नदी किनारों को काट देती है, तो कभी नई रेत की टापू उभर आती हैं लेकिन इन मुश्किल हालातों में भी जवानों की चौकसी जरा भी कम नहीं होती।
अमर उजाला के संवाददाता अर्जुन निराला ने इस अंतरराष्ट्रीय सीमा के दुर्गम इलाकों का दौरा कर जवानों की जांबाज़ी को करीब से देखा। एक ही चर पर भारत के गांव भी हैं और बांग्लादेश के भी। यहां पर चुनौती और भी बढ़ जाती है। ठंडी, कोहरे भरी रातों में भी बीएसएफ मोटरसाइकिल, साइकिल और पैदल मार्च करते हुए हर परिस्थिति में सीमा की रक्षा करती है।
धुबुरी की सरहद पर सिर्फ फैंसिग नहीं, बल्कि हिम्मत और जिम्मेदारी की लकीर खिंची है और वहीं खड़े हैं हमारे वो सपूत, जो दिन-रात देश की सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल बने हुए हैं।
अमर उजाला के संवाददाता एन. अर्जुन ने भारत–बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के धुबुरी सेक्टर के कई इलाकों का दौरा किया, और वहाँ के वास्तविक धरातल और चुनौतियों को करीब से समझने की कोशिश की। देखिए ये खास रिपोर्ट