गुरुवार को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की भयावहता ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। विमान में करीब 1.25 लाख लीटर एविएशन फ्यूल (हवाई ईंधन) भरा हुआ था, जिससे टक्कर के तुरंत बाद तेज धमाके के साथ आग का गोला बन गया। इस हादसे में कुल 263 लोगों की जान चली गई। वहीं विमान में सवार 242 यात्रियों में 241 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 10 क्रू सदस्य और 2 पायलट भी शामिल थे। केवल एक व्यक्ति ही इस हादसे में जीवित बच पाया। मृतकों की पहचान के लिए डीएनए जांच की जा रही है। बीजे मेडिकल कॉलेज में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने 13 जून को हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश की भयावहता को याद किया। एक कर्मचारी ने बताया कि ऐसा लगा जैसे बम विस्फोट हुआ हो। “हम अपनी जान बचाने के लिए नीचे भागे। हमें कुछ पता ही नहीं चला। उस समय हम रोटी बना रहे थे,3 से 4 बच्चे मर गए, और 3 से 4 को आईसीयू में भर्ती कराया गया। कल से एक महिला और 2 साल का बच्चा लापता है। “जब विमान आया और उसकी रोशनी पड़ी, तो ऐसा लगा जैसे बम विस्फोट हुआ हो। फिर लोगों ने कहा कि विमान गिर गया है। इसलिए, हम जल्दी से भाग गए। वहां बहुत धुआं था मैंने पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा।