बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने 2024 आम चुनाव को लेकर बड़ा पासा फेंक दिया है। उन्होंने कांग्रेस को विपक्षी एकता की पहल करने को लेकर समय रहते कदम उठाने की बात कह दी है। यह एक तरह से कांग्रेस को चेतावनी भी मानी जा रही है कि यदि उसने जल्द ही विपक्षी एकता का खाका खींचना शुरू नहीं किया, तो दूसरे विपक्षी दल अपने दम पर इसकी अगुवाई करना शुरू कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो 2024 में पूरे विपक्ष का एक साथ आकर लड़ाई लड़ना मुश्किल हो जाएगा, जिसका लाभ भाजपा को मिल सकता है। नीतीश के लिए बड़ी चुनौती उन दलों को कांग्रेस के साथ गठबंधन में शामिल करना होगा जो राजनीतिक हितों के कारण अब तक कांग्रेस के साथ खड़े होने से कतराते रहे हैं। क्या नीतीश आपसी हितों के टकराव को टालते हुए इन सबको एक साथ लाने में सफल होंगे?