हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के वेरिफिकेशन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना उचित जांच के बाहरी लोगों का आना स्थानीय सुरक्षा और सामाजिक संतुलन के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि बाहरी निवासियों के लिए सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया लागू की जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इससे न केवल स्थानीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अपराध को भी रोका जा सकेगा। इस प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है, और वे इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। देवभूमि संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश तथा उपाध्यक्ष विनोद नेगी ने भीड़ को सम्बोधित किया तथा कहा कि शिलाई क्षेत्र में भी समुदाय विशेष ने जमीन खरीद ली है गाताधार में एक 14 बीघा जमीन खरीद ली है और जमीन का मालिक अब इस उनके पास नौकर बन गया है। द्राबिल पंचायत में भी 22 लोगों ने जमीनों की पावर ऑफ अटॉर्नी ग्रामीणों से ली हुई है जो दुख का विषय है। विश्रामगृह से रैली पहले अस्पताल रोड और उसके बाद एसडीएम कार्यालय पहुंची जहां एसडीएम के माध्यम से प्रदेश मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। देवभूमि संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश ने बताया कि दूसरे राज्यो से आकर पहचान छुपाकर बस रहे अन्य राज्यों के विशेष समुदाय से प्रदेश की शांति को खतरा बढ़ रहा है। पिछले 2 दशकों से हिमाचल प्रदेश की जनसांख्यकी में षड्यंत्रपूर्वक परिवर्तन करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले दो दशकों से बाहरी राज्यो विशेषकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ, बमुरादाबाद, अमरोही, शामली, बिजनौर तथा उत्तराखण्ड के तराई क्षेत्र से समुदाय के लोग यहां लाकर बसाए जा रहे हैं जिसके बाद डेमोग्राफी में बड़े पैमाने पर परिवर्तन देखा जा रहा है। बाहरी राज्यों से यहां बस रहे ऐसे लोग संगठित होकर एक माफिया के रूप में कार्य करते हैं।