हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून बनाने की मांग को लेकर सामाजिक न्याय यात्रा नंगडा (ऊना) पहुंची। प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून बनाने की मांग को लेकर चल रही सामाजिक न्याय यात्रा के तहत डॉ. बीआर अंबेडकर मिशन अनुसूचित जाति कल्याण समिति के जिला प्रधान सेवानिवृत्त डीएसपी चमल भाटिया की कोऑर्डिनेशन और मार्गदर्शन में ऊना के नंगडा में संबंधित सामाजिक संगठनों की बैठक हुई। इस बैठक में विशेष तौर पर जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष बलराम महे और नेशनल दलित मूवमेंट फॉर जस्टिस के राज्य संयोजक राजकुमार महे ने भी प्रदेश में अनुसूचित जाति जनजाति विकास निधि कानून बनाने की मांग को लेकर चल रही सामाजिक यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने तय किया कि वह गांव-गांव जाकर हिमाचल में अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून बनाने की मांग को लेकर सामाजिक न्याय यात्रा के तहत हर घर दस्तक देंगे और हस्ताक्षरों के माध्यम से संबंधित समाज के प्रतिनिधियों की सहमती लेते हुए संबंधित विधायक के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि कानून बनाने के लिए ज्ञापन सौंपगे, जिसके माध्यम से मांग की जाएगी कि राज्य सरकार पार्टी चुनाव घोषणापत्र में किए गए वायदे अनुसार प्रदेश मेंअनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून की प्रक्रिया शुरू करे। राज्य गठबंधन की ओर से भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डीपी चंद्रा और सुखदेव विश्व प्रेमी ने कहा कि, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पिछले वर्ष दिए गए न्याय संकल्पों के आधार पर पूरे देश में अनुसूचित जाति जनजाति विकास निधि कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी से विनम्र आग्रह कर रहे हैं कि, जिन राज्यों में कांग्रेस पार्टी की सरकार है वहां अनुसूचित जाति जनजाति विकास नीति कानून बनाने की पहल करें। क्योंकि कांग्रेस के कार्यकाल में ही कर्नाटक, राजस्थान तथा उत्तराखंड में यह कानून बना है। राज्य गठबंधन के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से विनम्र आग्रह किया कि वह इस वर्ष हिमाचल प्रदेश में "अनुसूचित जनजाति, विकास निधि कानून" बनाने की प्रक्रिया शुरू करें।