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ऊना: छोटे खोखे से दुकान तक पहुंचा सफर, सुख-आश्रय योजना से सुनील को मिली नई उड़ान

मुश्किल हालात के बावजूद मेहनत और हुनर के दम पर अपनी पहचान बनाने वाले ऊना जिले के गगरेट उपमंडल के शिवपुर गांव निवासी सुनील कुमार की कहानी दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा है। कभी छोटे से खोखे में मोबाइल रिपेयरिंग का काम शुरू करने वाले सुनील ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत मिली दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता से अपने कारोबार का विस्तार किया है। आज उनकी दुकान पर मोबाइल रिपेयरिंग के अलावा एक्सेसरीज, स्पेयर पार्ट्स, लैपटॉप से जुड़े कार्य और फोटोस्टेट की सुविधा भी उपलब्ध है। कारोबार बढ़ने से उनकी आमदनी में सुधार हुआ है और उन्होंने एक अन्य व्यक्ति को भी रोजगार दिया है। सुनील कुमार के पिता का वर्ष 2006 में निधन हो गया था। इसके बाद उनकी माता ने सीमित संसाधनों के बीच परिवार की जिम्मेदारी संभाली। सुनील ने वर्ष 2015 में दसवीं कक्षा पास की, लेकिन आर्थिक परेशानियों के कारण आगे पढ़ाई जारी नहीं रख सके। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के लिए उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक में मोबाइल रिपेयरिंग का काम सीखा। इसी हुनर को उन्होंने अपनी आजीविका का आधार बनाया। वर्ष 2019 में माता के निधन के बाद उनके सामने चुनौतियां और बढ़ गईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने पैरों पर खड़े होने का प्रयास जारी रखा। खोखे से शुरू किया काम, योजना से मिला कारोबार बढ़ाने का मौका वर्ष 2020 में सुनील ने अपने सीमित संसाधनों से एक छोटे से खोखे में मोबाइल रिपेयरिंग का काम शुरू किया। धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी, लेकिन कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए उन्हें पूंजी की जरूरत थी। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के बारे में पता चला। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से आर्थिक सहायता के लिए आवेदन किया। वित्त वर्ष 2025-26 में योजना के तहत उन्हें दो लाख रुपये की सहायता स्वीकृत हुई। यह राशि दो किश्तों में मिली। पहली किश्त में 1.40 लाख रुपये और दूसरी किश्त में 60 हजार रुपये प्रदान किए गए। इस राशि से सुनील ने दुकान में जरूरी सुविधाएं जुटाईं और अपने काम का दायरा बढ़ाया। अब उनकी दुकान पर मोबाइल रिपेयरिंग के साथ कई अन्य सेवाएं भी उपलब्ध हैं। सुनील के मुताबिक, दुकान और घर का खर्च निकालने के बाद अब वह हर महीने करीब 10 से 15 हजार रुपये बचा पा रहे हैं। कारोबार बढ़ने का फायदा केवल उन्हें ही नहीं मिला, बल्कि उन्होंने अपनी दुकान पर एक अन्य व्यक्ति को भी रोजगार दिया है। सुनील अब अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाना चाहते हैं। भविष्य में दुकान के साथ लोक मित्र केंद्र और डीजे से जुड़े काम शुरू करने की भी उनकी योजना है, जिससे आमदनी के नए स्रोत विकसित किए जा सकें। सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना से मिली आर्थिक मदद ने उन्हें अपने हुनर को आगे बढ़ाने और कारोबार का विस्तार करने का अवसर दिया। इससे वह आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरे व्यक्ति को भी रोजगार देने में सक्षम हुए हैं। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना का उद्देश्य विशेष देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले पात्र बच्चों और युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ स्वरोजगार शुरू करने के लिए दो लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार जिला प्रशासन योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे।

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