हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में शामिल होने वाली नई इलेक्ट्रिक बसों की पहली खेप सोलन पहुंचनी शुरू हो गई है। हैदराबाद की एक कंपनी से खरीदी गई इन 25 बसों में से 10 बसें रविवार तक सोलन पहुंच चुकी हैं। हालांकि, प्रशासन और कंपनी की तैयारी में कमी के कारण ये बसें अभी भी ट्रालों पर ही लोड हैं, क्योंकि इन्हें उतारने के लिए शहर में कोई उपयुक्त रैंप उपलब्ध नहीं है। जानकारी के अनुसार, इन बसों को सोलन से ही ट्रायल के लिए शिमला, कांगड़ा और हमीरपुर भेजा जाना है। इससे पहले जब इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल हुआ था, तब उन्हें सोलन सेब मंडी के पास मिट्टी के प्राकृतिक रैंप से उतारा गया था। लेकिन अब वहां सेब मंडी के निर्माण कार्य के लिए खुदाई कर दी गई है, जिससे वह रैंप खत्म हो गया है। न्यू बस स्टैंड के पास भी अनलोडिंग की कोशिश की गई, लेकिन वहां भी सफलता नहीं मिली। अब नया रैंप तैयार होने के बाद ही बसें ट्रालों से नीचे आ पाएंगी। ट्रालों के जरिए बसें लेकर आए चालक इरशाद खान और इमरान ने बताया कि वे शनिवार को ही सोलन पहुंच गए थे। रैंप न होने के कारण बसें अनलोड नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने बताया कि बाकी बसें भी एक-दो दिन में पहुंचने वाली हैं। जब तक विभाग या कंपनी रैंप की व्यवस्था नहीं करती, उन्हें ट्रालों के साथ यहीं रुकना होगा। सोलन के आरएम सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि बसों को सुरक्षित अनलोड करने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बसों के अनलोड होने और सफल ट्रायल के बाद ही इन्हें रूटों पर परिचालन के लिए भेजा जाएगा।