नाहन में बाल्मीकि और सिख समुदाय के बीच उपजे तनाव के बीच शांति बहाली के प्रयास तेज हो गए हैं। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-163 लागू होने के दौरान मंगलवार को दोनों समुदायों के बाहरी राज्यों के पदाधिकारी नाहन पहुंचे और आपसी भाईचारा कायम रखने की अपील की। बाल्मीकि समुदाय की ओर से बाल्मीकि तीर्थ अमृतसर के महासचिव बिल्लू बाल्मीकि मोहाली और सिख समुदाय की ओर से बुड्ढा दल, मोहाली (पंजाब) के जत्थेदार अवतार सिंह ने शांति वार्ता की पहल की। दोनों पक्षों ने बीते शुक्रवार को हुई हिंसा और पथराव की घटना को दुखद करार देते हुए कहा कि आपसी विवाद का समाधान बातचीत से निकाला जाना चाहिए। इस दौरान स्थानीय बाल्मीकि समाज से इंद्रा चावरिया के अलावा मानव शर्मा, सुमित गुप्ता सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों ने कहा कि नाहन हमेशा से आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल रहा है। ऐसे में कुछ लोगों की हरकतों से शहर का माहौल खराब नहीं होना चाहिए। प्रेस वार्ता में बाल्मीकि तीर्थ अमृतसर के महासचिव बिल्लू बाल्मीकि मोहाली ने महर्षि बाल्मीकि चौक स्थित स्मारक स्थल पर हुई तोड़फोड़ को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को सामने आकर वीडियो जारी करते हुए माफीनामा देना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से धारा-163 को समाप्त करने की मांग भी उठाई। वहीं बुड्ढा दल मोहाली के जत्थेदार अवतार सिंह ने भी नाहन में हुई हिंसा और पथराव की घटना को निराशाजनक बताया। उन्होंने महर्षि बाल्मीकि के स्मृति स्थल पर हुई तोड़फोड़ पर दुख जताते हुए कहा कि महर्षि बाल्मीकि का सम्मान सिख गुरुओं द्वारा भी किया जाता रहा है। ऐसे में उनके स्मृति स्थल को नुकसान पहुंचाने की घटना बेहद दुखद है।