चार साल पहले हिमाचल, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में पशुओं में तबाही मचा चुका लंपी स्किन रोग एक बार फिर सिरमौर में चिंता बढ़ा रहा है। जिले में अब तक 517 पशुओं में लंपी जैसे लक्षण सामने आ चुके हैं। इनमें करीब 325 पशु रिकवर हो चुके हैं, जबकि चार पशुओं की मौत हो चुकी है। प्रभावित पशुओं के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इसके बावजूद बढ़ते मामलों को देखते हुए विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उधर, पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है। सबसे अधिक चिंता हरियाणा और अन्य राज्यों की सीमा से सटे क्षेत्रों को लेकर है। पांवटा साहिब, माजरा, धौलाकुआं और कालाअंब आदि क्षेत्रों में पशुओं में लंपी जैसे लक्षण सामने आए हैं। विभाग का प्रथम दृष्टया मानना है कि बाहरी राज्यों से पशुओं की आवाजाही के दौरान संक्रमण के यहां पहुंचने की आशंका हो सकती है। सिरमौर में करीब सवा दो लाख गाय और भैंस हैं। इतनी बड़ी पशुधन आबादी को देखते हुए विभाग ने उन क्षेत्रों में पहले से टीकाकरण शुरू करने का फैसला लिया है, जहां अभी बीमारी के लक्षण सामने नहीं आए हैं। जिले में 60 हजार वैक्सीन पहुंच चुकी हैं। विभाग का लक्ष्य है कि संक्रमण को नए क्षेत्रों में फैलने से पहले ही रोका जा सके।