जिला मुख्यालय नाहन में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट बदली। दोपहर बाद पूरा शहर घनी धुंध की चादर में लिपट गया। निचले क्षेत्रों से उठी धुंध ने कुछ ही देर में पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। हालात ऐसे रहे कि दोपहर में ही शाम जैसा नजारा देखने को मिला। घनी धुंध का असर शहर की ऐतिहासिक इमारतों पर भी दिखाई दिया। दिल्लीगेट के पास स्थित ऐतिहासिक लिंटन मेमोरियल की इमारत धुंध में लगभग पूरी तरह छिप गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों को ऐतिहासिक धरोहरों का साफ दीदार करने के लिए धुंध छंटने का इंतजार करना पड़ा। धुंध घनी होने के कारण नाहन के मुख्य मार्गों पर दृश्यता काफी कम हो गई। वाहन चालकों को दिन में ही अपनी गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। कम विजिबिलिटी के कारण चालकों ने वाहनों की रफ्तार भी कम कर दी, जिससे यातायात की गति प्रभावित हुई। मौसम के अचानक बदले मिजाज से तापमान में भी हल्की गिरावट महसूस की गई। धुंध के कारण शहर का वातावरण ठंडा नजर आया। घनी धुंध के बीच वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत रही। कम दृश्यता के कारण तेज रफ्तार से वाहन चलाना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में चालकों ने धीमी गति से वाहन चलाकर सफर किया।