दो समुदायों के बीच हुए हिंसक टकराव के बाद नाहन में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वाल्मीकि चौक, राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में करीब 150 पुलिस जवानों के साथ रिजर्व बटालियन की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। शहर में लगातार फ्लैग मार्च और निरीक्षण किया जा रहा है। तनाव के बीच फिलहाल शहर का माहौल शांतिपूर्ण है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। बाहरी राज्यों से लोगों के पहुंचने और प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने 29 अक्तूबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी प्रियंका वर्मा ने लोगों से अफवाहों और भड़काऊ सोशल मीडिया सामग्री से दूर रहने तथा आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। महर्षि वाल्मीकि चौक पर 23 अक्तूबर को हुए पथराव के बाद पुलिस प्रशासन किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क है। संवेदनशील स्थानों के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है। करीब 150 जवानों और रिजर्व बटालियन की टुकड़ियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। एसपी निश्चित सिंह नेगी स्वयं विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। पुलिस की ओर से फ्लैग मार्च निकालकर लोगों को सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि शहर में शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना प्राथमिकता है। उपायुक्त प्रियंका वर्मा के अनुसार, रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर स्थानीय स्तर पर दोनों समुदायों के बीच संवाद और आपसी सौहार्द की तस्वीर सामने आई थी। गोबिंदगढ़ मोहल्ले के लोगों की अपील और सहमति के बाद शोभायात्रा पुराने मार्ग से निकाली गई। इस दौरान फूल बरसाकर भाईचारे का संदेश भी दिया गया था। इस घटनाक्रम से शहर में शांति बहाली की उम्मीद मजबूत हुई थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयानबाजी और 27 अक्तूबर को पंजाब, हरियाणा तथा चंडीगढ़ सहित बाहरी राज्यों से लोगों के जुटने संबंधी इनपुट मिलने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी। आशंका जताई गई कि बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से तनाव फिर बढ़ सकता है। जिला दंडाधिकारी प्रियंका वर्मा ने कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 26 से 29 अक्तूबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। प्रतिबंध नाहन थाना क्षेत्र में दो सड़का से वाल्मीकि चौक होते हुए दिल्ली गेट तक और वाल्मीकि चौक से बस स्टैंड के प्रवेश द्वार तक सड़क के दोनों ओर लगते क्षेत्रों में लागू रहेंगे। आदेशों के तहत सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। बिना अनुमति सार्वजनिक रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन, भूख हड़ताल और यातायात बाधित करने की अनुमति नहीं होगी। लाठी, डंडा, तलवार, गंडासा, कुल्हाड़ी और भाला सहित घातक हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा मशाल, पुतला या टायर जलाने, पटाखे फोड़ने तथा सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाले भाषण, नारे, पोस्टर, बैनर और दीवार लेखन जैसी गतिविधियों पर रोक रहेगी। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। निर्धारित ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, पुलिस और सुरक्षा बलों, दमकल विभाग, आवश्यक सेवाओं तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मियों को आदेशों में निर्धारित छूट दी गई है। गौरतलब है कि 23 अक्तूबर को वाल्मीकि चौक पर स्वागत द्वार लगाने या उसकी मरम्मत को लेकर वाल्मीकि मोहल्ले के लोगों और सिख समुदाय के सदस्यों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ। इस दौरान बोतलें भी फेंकी गईं। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंचे सदर थाना प्रभारी समेत छह से अधिक पुलिसकर्मी और कुछ स्थानीय लोग घायल हुए थे। घटना में सरकारी और निजी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद से प्रशासन दोनों समुदायों के बीच शांति और विश्वास बहाल करने के प्रयासों में जुटा है। रविवार को शोभायात्रा के दौरान दिखाई दिया भाईचारा राहत देने वाला रहा, लेकिन सोशल मीडिया पर जारी गतिविधियों और बाहरी लोगों के संभावित आगमन की आशंका के चलते पुलिस सतर्क है।