राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड निरमंड जिला रामपुर की ओर से विजयदशमी के अवसर पर पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दलीप शर्मा ने की। जबकि मुख्य वक्ता के रूप में किशोर राणा उपस्थित रहे। इस दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकजुटता का परिचय देते हुए पथ संचलन में भाग लिया। कार्यक्रम के अध्यक्ष दलीप शर्मा ने कहा कि किसी भी सामाजिक संगठन की सार्थकता उसके कार्यों से दिखाई देती है। संगठन समाज में कितना सद्भाव बढ़ाता है, जरूरतमंदों की कितनी सहायता करता है और लोगों को राष्ट्र व समाज के प्रति अपने दायित्व निभाने के लिए कितना प्रेरित करता है, यही उसकी वास्तविक पहचान है। उन्होंने सभी से ऐसे समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया, जहां सेवा को संस्कार, अनुशासन को शक्ति, शिक्षा को आधार और मानवता को सर्वोच्च महत्व दिया जाए। मुख्य वक्ता किशोर राणा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। उन्होंने अपने संबोधन में संघ के पंच परिवर्तन सहित विभिन्न विषयों पर विचार रखे। इसके बाद रामलीला मैदान निरमंड से कांगड़ा सेंट्रल बैंक तक पथ संचलन निकाला गया। इसमें बाल एवं तरुण स्वयंसेवकों ने भाग लिया। घोष की धुन पर अनुशासित ढंग से निकले पथ संचलन को देखने के लिए रास्ते में काफी संख्या में लोग जुटे। कार्यक्रम में जिला कार्यवाह रविकांत, जिला प्रचारक पवन कुमार और खंड कार्यवाह देवेंद्र कुमार सहित संघ के कई कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।