हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ ने विद्युत बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग उठाई है। रामपुर के फील्ड हॉस्टल में आयोजित संघ की बैठक में पदाधिकारियों ने दावा किया कि बोर्ड में तकनीकी स्टाफ की संख्या घटकर करीब 40 प्रतिशत रह गई है, जबकि लगभग 60 प्रतिशत पद खाली हैं। संघ ने कहा कि कर्मचारियों की कमी के बावजूद फील्ड स्टाफ बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए काम कर रहा है। बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर ठाकुर ने की, जबकि प्रदेश महामंत्री चमन लाल शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने, पदोन्नति, रिक्त पदों को भरने और यात्रा भत्ते सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, ओपीएस की बहाली को लेकर हाल ही में विद्युत बोर्ड प्रबंधन के साथ बैठक हुई थी। उन्होंने बताया कि प्रबंधन ने सरकार की ओर से पूछे गए तीन प्रमुख सवालों के जवाब दिए हैं और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा प्रदेश के करीब 1,200 तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर मंजूरी दिलवाने की मांग की गई। संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्पष्ट नीति बनाने और उन्हें विद्युत बोर्ड में शामिल करने की मांग भी दोहराई। संघ ने कहा कि प्रदेश में विद्युतीकरण का दायरा बढ़ने के साथ तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में टी-मेट, सहायक स्टेशन मास्टर (एएसएम), लाइनमैन और फोरमैन के स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। बैठक में रामपुर मंडल के विभिन्न कार्यालयों में तैनात फील्ड कर्मचारियों को तत्काल मैदानी कार्यों में भेजने की मांग भी की गई, ताकि फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की कमी दूर हो सके। इसके साथ तकनीकी कर्मचारियों को शिफ्ट ड्यूटी भत्ता और फील्ड कर्मचारियों को सरकारी आवास उपलब्ध करवाने का मुद्दा भी उठाया गया। बैठक में तकनीकी कर्मचारियों के यात्रा भत्ता (टीए) बिल के दायरे को आठ किलोमीटर से बढ़ाकर 30 किलोमीटर करने की नीति का विरोध किया गया। संघ अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों के विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी और उन्हें संशोधित करवाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसे जल्द ही विद्युत बोर्ड प्रबंधन के समक्ष रखा जाएगा। रणवीर ठाकुर ने बताया कि जूनियर टी-मेट पद से ‘जूनियर’ शब्द हटाने और बिजली कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में संघ को सफलता मिली है। उनके अनुसार, 11 बैंकों के साथ समझौता किया गया है, जिसके तहत कर्मचारियों के वेतन खातों के माध्यम से बीमा सुविधा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। बैठक में फील्ड कर्मचारियों से 33 केवी, 22 केवी और 11 केवी विद्युत लाइनों पर काम करते समय सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने का आह्वान भी किया गया। बैठक के बाद संघ की रामपुर इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें सर्वसम्मति से गोपाल ठाकुर को प्रधान चुना गया। नारायण सिंह को उपप्रधान, रामकृष्ण शर्मा को कोषाध्यक्ष, सोजू राम को सचिव और ईश्वर को प्रमुख सलाहकार की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा झाकड़ी से कमलानंद और ननखड़ी से भूपेंद्र को उपप्रधान चुना गया, जबकि संदीप कुमार को प्रेस सचिव बनाया गया। बैठक में संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश वर्मा, संगठन मंत्री चुन्नीलाल, उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा, उपसचिव सुनील, हेमंत सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।