51 मजदूर और सात मशीनें सड़क बहाली में हर वक्त रहेंगी तैनात
अभी बर्फ हटाने में जुटा संगठन, अप्रैल के बाद होगा मेटलिंग, टारिंग कार्य शुरू
देश सीमा पर तैनात जवानों और सांगला वैली के हजारों ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
बीरबल नेगी
सांगला(किन्नौर)। आखिर लंबे इंतजार के बाद देश सीमा को जोड़ने वाली कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधीन हो गई है। जिले के लोगों खासकर सांगला वैली के हजारों लोगों सहित देश सीमा पर तैनात सेना और आईटीबीपी के जवानों के लिए यह राहत की खबर है। बीआरओ के अधीन होने के बाद अब यह सड़क 12 महीने यातायात के लिए बहाल रहेगी। करीब 42 किलोमीटर सड़क का जल्द कायाकल्प होगा। गौर हो कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सांगला वैली को जोड़ने वाली कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क को सीमा सड़क संगठन के अधीन करने की औपचारिकताएं बीते 11 माह से चल रही थीं। अब सभी औपचाकिताएं पूरी होने के बाद सीमा सड़क संगठन ने सड़क को यातायात के लिए बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया है। सीमा सड़क संगठन के अधीन आने वाली करीब 42 किलोमीटर सड़क पर इन दिनों बर्फ हटाने का कार्य चल रहा है।
सीमा सड़क संगठन ने तीन स्थानों सांगला के थापा सारिंग, रकछम और छितकुल में अपने कार्यालय स्थापित किए हैं। सड़क की देखरेख और मरम्मत के लिए बाकायदा करीब 51 मजदूर और सात मशीनें तैनात कर दी हैं। बर्फबारी का सीजन समाप्त होते ही अप्रैल माह से सड़क के कायाकल्प का कार्य शुरू होगा। संगठन कड़छम से लेकर छितकुल तक सड़क को जगह-जगह चौड़ा करने सहित सड़क की मेटलिंग, टारिंग, निकासी नालियों और क्रैश बैरियर लगाने का कार्य करेगा। सड़क की हालत सुधरने के बाद सांगला वैली कर 11 पंचायतों के हजारों ग्रामीण लाभान्वित होंगे। वहीं, किसानों-बागवानों को अपनी नकदी फसलें मंडी पहुंचाने में अब पहले से काफी आराम मिलेगा। देश सीमा को जोड़ने वाली इस सड़क के कायाकल्प होने से देश सीमा से सटे मस्तरंग, बटसेरी, छितकुल के नगस्ति, रानी कंडा, नित्थल, थाच, थाना दुमति स्थित आईटीबीपी और भारतीय सेना जवानों को भी काफी लाभ पहुंचेगा। उन्हें रसद, खाद्य सामग्री और अन्य सामान पहुंचाना पहले की अपेक्षा काफी सुलभ होगा। यही नहीं देश विदेश से सांगला, छितकुल और रक्षम पहुंचने वाले हजारों पर्यटकों को भी आरामदायक सफर का लाभ मिलेगा।
कड़छत-सांगला-छितकुल सड़क संगठन के अधीन हो चुकी है। लंबे समय तक चली औपचारिकताओं के बाद अब संगठन सड़क का जिम्मा संभालेगा। वर्तमान में सड़क से बर्फ हटाई जा रही है। अप्रैल माह से सड़क की मेटलिंग, टारिंग, निकासी नालियां, क्रैश बैरियर लगाने सहित सड़क को चौड़ा करने का कार्य किया जाएगा।
- प्रदीप सिंह, ओसी पोवारी सीमा सड़क संगठन