धर्मपुर उपमंडल के तहत आने वाली धर्मपुर पंचायत के कलस्वाई सोनखड्ड क्षेत्र में जारी खनन गतिविधियों के खिलाफ ग्रामीणों ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में लोगों ने खनन से हो रहे पर्यावरणीय नुकसान, जलस्रोतों पर पड़ रहे प्रभाव और स्थानीय आबादी की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में जारी खनन स्थानीय लोगों की सहमति के बिना किया जा रहा है और इससे सड़कों, पेयजल स्त्रोतों व खेतों को भारी क्षति पहुंच रही है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इसके खिलाफ डीसी मंडी को ज्ञापन सौंपकर खनन लीज को रद्द करने की औपचारिक मांग की जाएगी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि खनन की अनुमति प्रक्रिया के दौरान तैयार किए गए एफआरसी रजिस्टर में स्थानीय लोगों के जाली हस्ताक्षर शामिल किए गए हैं। बैठक में इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग उठी। ग्रामीणों का कहना है कि वास्तविक हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच ही सच को सामने लाएगी। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि प्रशासन इस प्रकरण में त्वरित व ठोस कार्रवाई नहीं करता, तो मामले को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर उठाया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि उनके जीवन और पर्यावरण से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मुद्दे पर बीडीसी चेयरमैन राकेश कुमार भी ग्रामीणों के साथ खड़े नजर आए। उन्होंने खनन से हो रहे नुकसान की शिकायतों को जायज बताते हुए कहा कि प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक वे इस लड़ाई में पूरी मजबूती से सहयोग करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि यदि खनन पर अंकुश नहीं लगा, तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में पंचायत के वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, युवा व समाजसेवी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस अवसर पर बबली देवी, दलीप कुमार, कृष्ण चंद, रूप लाल, सुनील कुमार, सहित समस्त गांववासी उपस्थित रहे।