भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए पूछा कि कितनों के घर पर ये नेशनल होराल्ड साप्ताहिक अखबार आता है? नेहरु-गांधी परिवार के स्वामित्व वाले अखबार को कांग्रेस शासित राज्य हिमाचल सरकार ने विज्ञापन के रूप में 2.34 करोड़ रुपए क्यों दिए? जबकि इस अखबार पर जांच चली है तो ऐसे में एडवर्टाइजमेंट देना सरकारी खजाने को लुटाना नहीं है क्या ? सुक्खू सरकार का यह कहना कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मातृवंदना, पाञ्चजन्य, एबीवीपी की छात्र उद्घोष पत्रिका को एड दी तो कांग्रेस के प्रवक्ताओं पहले यह देखो कि इन पर नेशनल हेराल्ड की तरह कोई जांच चली है क्या? इनको कितने आमजन और कितने विद्वान लोग पढ़ते हैं? इनमें लिखने वालों के आर्टिकल जो छपते हैं वे जनसाधारण के मुद्दे होते हैं व हिमाचल से जुड़े होते हैं। इनके छापने के बाद उसका शुल्क लिया जाता है। उसके बाद हिमाचल के आम लोग इसको पढ़ते हैं। अजय राणा ने कहा आपकी हेराल्ड तो न कोई हिमाचल के पत्रकार लेखक लिखते हैं न वो यहां छपती है और ना ही आमजन पढ़ते हैं और ना ही वह हिमाचल के किसी स्टाल पर बिकती है। अजय राणा ने कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता एवं मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश को पूरी जानकारी ही नही हैं। नेशनल हेराल्ड जैसे आरोपित अखबार को आप राष्ट्रवादी पत्र पत्रिकाओं से तुलना नहीं कर सकते। इस तुलना में हिमाचल कांग्रेस की हालत खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे जैसी है। यह पूरी तरह अपनों को रेवड़ियां बांटना हैं। यह बंद होना चाहिए व हिमाचल व देश के लोगों का टैक्स मनी है। आज मित्रों को लाभ देने वाली सुक्खू सरकार, मित्रों की सरकार के नाम से जानी जा रही है।