भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से नेरचौक स्थित अटल मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी को सरकाघाट स्थानांतरित करने की घोषणा दुर्भाग्यपूर्ण व अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी पिछले सात वर्षों से नेरचौक में स्थापित है, जहां सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं और इसके लिए 125 बीघा भूमि अधिग्रहित की गई थी। अब इसे हटाना जनता के विश्वास के साथ धोखा है। विधायक ने बताया कि इस यूनिवर्सिटी के लिए ग्राम पंचायत मंडल के मुजार क्षेत्र में लगभग 200 बीघा भूमि का चयन पहले ही किया जा चुका था, जिसका निरीक्षण कई बार राजस्व विभाग, यूनिवर्सिटी प्रशासन और पंचायतों के माध्यम से किया गया तथा यह पूरी तरह उपयुक्त पाई गई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर जनता को प्रोत्साहन देने के बजाय उन्हें निराश करना मंडी की जनता का अपमान है। जनता का कहना है कि मुख्यमंत्री जनता के हित में निर्णय नहीं ले रहे हैं। गांधी ने कहा कि इस यूनिवर्सिटी के लिए पूर्व जय राम सरकार ने मेडिकल कॉलेज नेर चौक से लगभग दो किलोमीटर के पास मांडल में जगह भी देखी थी और यह स्थान उचित स्थान पाया गया है। यूनिवर्सिटी का मेडिकल कॉलेज के नजदीक होने से जनता और पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी ज्यादा सुविधा मिलेगी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा विधायक दल के नेता जयराम ठाकुर सहित भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने इस निर्णय को तुरंत वापस लेने की मांग की है। साथ ही व्यापार मंडल ,सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने भी इस फैसले का विरोध किया है। कहा कि यदि सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया तो आने वाले समय में जनता इसका करारा जवाब देगी। विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन दिया गया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पायल, भाजपा जिला अध्यक्ष निहाल सिंह शर्मा जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा ,जिला महामंत्री मांचली ठाकुर, करणवीर , अध्यक्ष कुलदीप ,राजेंद्र राणा, भाजपा मीडिया प्रभारी राकेश वालिया ,व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष गोविंद ठाकुर आदि उपस्थित रहे।