स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी संभाल रहीं मिड-डे मील वर्कर्स को साल के सभी 12 महीनों का मानदेय देने की मांग उठी है। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की सचिव श्यामा ने कहा कि वर्कर्स लंबे समय से पूरे साल का मानदेय देने की मांग कर रही हैं, लेकिन उन्हें फिलहाल वर्ष में केवल 10 महीने का ही मानदेय मिलता है। श्यामा ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। इसके बावजूद उन्हें साल के 12 महीनों के बजाय केवल 10 महीने का मानदेय दिया जाता है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यूनियन की मांग है कि वर्कर्स को पूरे साल का मानदेय दिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। उन्होंने विभाग की ओर से 24 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचना पर भी सवाल उठाए। श्यामा के अनुसार, इस अधिसूचना के माध्यम से 10 महीनों के लिए निर्धारित मानदेय को 12 महीनों में विभाजित करके देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने इस व्यवस्था को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि वर्कर्स को 12 महीने का पूरा मानदेय दिया जाना चाहिए।