बंजार घाटी के अधिष्ठाता देव शृंगा ऋषि घियागी मंगलवार शाम को सदियों पुरानी परंपरा निभाने 11,000 फुट ऊंचे धार्मिक एवं प्रसिद्ध रघुपुरगढ़ पहुंचे। इस बार देवता दो मोहर, छत्र अन्य निशान पूरे लाव लश्कर के साथ आए हैं। हर साल ज्येष्ठ संक्रांति को देवता श्रृंगाऋषि घियागी रघुपुरगढ़ जाते हैं। इसमें एक साल देवता रथ में तो दूसरे साल मुख-मोहरे से साथ श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। ऐसे में इस बार देवता मुख-मोहरे के साथ रघुपुरगढ़ पहुंचे। यहां पहुंचने पर पर्यटन कारोबारियों व देवलुओं ने देवता का स्वागत किया।