तीन दिवसीय साते जाच में बतौर मेहमान आए देवता व्यास ऋषि झरौन देवालय लौट गए हैं। इसे पहले फनौटी में देव नारायण और व्यास ऋषि की मौजूदगी में देवलुओं ने नाटी डाली। ढोल, नगाड़ों और शहनाई की स्वर लहरियों के साथ नाटी डाली गई। पुरुष और महिलाओं की संयुक्त नाटी ने खूब वाहवाही लूटी। करीब एक घंटे तक नाटी से पूरी रघुपुर घाटी गुंजायमान हुई। इसके बाद दोनों देवताओं का विदाई मिलन हुआ और देवता व्यास ऋषि अपने देवालय को रवाना हुए।