बज्रेश्वरी माता मंदिर कांगड़ा में करीब 21 ट्विंकल देसी घी व माखन से पवित्र पिंडी पर घृतमंडल तैयार किया गया। अब 21 जनवरी तक श्रद्धालु मंदिर में घृतमंडल के दर्शन कर सकेंगे। वहीं इसके बाद पिंडी से घृत को उतारकर श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में बांटा जाएगा। यह प्रसाद खाने के लिए नहीं बल्कि किसी भी प्रकार का चर्म रोग हो उसमें इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि माता के आशीर्वाद से हर प्रकार का चर्म रोग ठीक होता है।