हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक व्यक्ति बैग में दराट और हाथ में दोनाली बंदूक लेकर अदालत परिसर में पहुंच गया। आरोपी ने पुलिस को देखकर बंदूक लोड कर ली और तैश में आकर शूट कर दूंगा कहने लगा। मौके पर मौजूद डीएसपी लीव रिजर्व, पुलिस कर्मियों और एक महिला की मदद से बड़ी मशक्कत के बाद आरोपी पर काबू पाया गया। मामले में अदालत ने जिला पुलिस से कानून व्यवस्था को लेकर जवाब तलब भी किया कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। वहीं, देरशाम अदालत परिसर के गेट मेटल डिटेक्टर जिला पुलिस की ओर से लगाया गया है। इस घटना के दौरान सत्र न्यायधीश अपने चैंबर में बैठे थे। घटना पूर्वाह्न करीब 11 बजे की है। डीएसपी लीव रिजर्व हरीश गुलेरिया सत्र न्यायालय से बाहर निकले तो उन्होंने अदालत परिसर में बेंच पर बैठे एक व्यक्ति को हाथ में दोनाली बंदूक के साथ देखा। आरोपी वहां तैनात होमगार्ड जवान से उलझ रहा था। जवान उससे हथियार जमा करवाने को कह रहा था लेकिन वह आनाकानी कर रहा था। आदर्श आचार संहिता के दौरान कोर्ट परिसर में हथियार देखकर डीएसपी ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आरोपी को बंदूक सौंपने के लिए कहा। इस पर आरोपी अचानक भड़क गया और बंदूक ऊपर उठाते हुए कहने लगा कि हथियार लोड है। स्थिति भांपते हुए डीएसपी हरीश गुलेरिया, उनके पीएसओ और होमगार्ड जवान ने तुरंत आरोपी को दबोच लिया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस कर्मियों के साथ जोरदार धक्का-मुक्की शुरू कर दी। काफी देर तक गुत्थमगुत्था चलता रहा और हाथापाई में पुलिस कर्मियों की वर्दियां तथा आरोपी के कपड़े तक फट गए। मौके पर मौजूद मक्कड़ पंचायत निवासी महिला निशा ठाकुर ने भी बीच-बचाव कर पुलिस की मदद की, जिसमें उन्हें भी चोटें आईं। बाद में पुलिस ने उनका मेडिकल करवाया। आरोपी की पहचान रमन निवासी भोरंज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी का एक मामला हमीरपुर कोर्ट में विचाराधीन है, हालांकि सोमवार को उस केस की सुनवाई निर्धारित नहीं थी। ऐसे में वह अदालत परिसर में हथियार लेकर क्यों पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।