शहर में लगातार बढ़ रही वाहनों की संख्या और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। खासकर स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी के समय मुख्य सड़कों पर हालात बेहद खराब हो जाते हैं। मटका चौक, कन्हैया चौक, महाराणा प्रताप चौक. सेक्टर 17 से जिमखाना रोड और संत निश्चल सिंह पब्लिक स्कूल के सामने रोजाना लंबा जाम लगना आम बात बन चुका है। इस दौरान वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आते हैं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर का सामना करना पड़ता है। स्कूलों में अभिभावकों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण वाहन सड़कों पर ही खड़े हो जाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही और प्रशासन का मौन रवैया समस्या को और गंभीर बना रहा है। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा। कई बार पुलिसकर्मियों की संख्या कम होती है या ट्रैफिक नियंत्रण प्रभावी ढंग से नहीं हो पाता, जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है। इसके अलावा सड़क किनारे अतिक्रमण भी जाम की बड़ी वजह बन रहा है। दुकानदारों द्वारा सड़कों पर सामान फैलाना और वाहन चालकों का मनमाने ढंग से पार्किंग करना यातायात को प्रभावित करता है। वहीं ऑटो और ई-रिक्शा चालक बिना निर्धारित स्टैंड के कहीं भी सवारी बैठाने और उतारने लगते हैं, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह रुक जाता है। एंबुलेंस भी फंसती, मरीजों की बढ़ती परेशानी जाम की समस्या अब आपातकालीन सेवाओं के लिए भी चुनौती बनती जा रही है। कई बार एंबुलेंस भी ट्रैफिक में फंस जाती है, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे हालात में उनकी जान पर खतरा मंडराने लगता है। लोगों का कहना है कि जाम के दौरान वाहन चालक भी रास्ता देने में लापरवाही बरतते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों की मांग, चौराहों पर बढ़े पुलिस बल नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं और अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाने की जरूरत है। उनका मानना है कि नियमों का सख्ती से पालन कराने पर ही स्थिति में सुधार संभव है। यातायात प्रभारी संदीप कुमार का कहना है कि शहर में मुख्य रूप से स्कूल-कॉलेज की छुट्टी के समय ही जाम की स्थिति बनती है। समस्या के समाधान के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही स्कूल प्रशासन के साथ बैठक कर व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।