तेजली खेल परिसर में संचालित फुटबॉल आवासीय अकादमी में प्रवेश के लिए सोमवार को जिला खेल विभाग और जिला फुटबॉल संघ की ओर से चयन ट्रायल आयोजित किए गए। ट्रायल में यमुनानगर के अलावा अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, हिसार, भिवानी सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे 80 से अधिक खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने चयन के लिए पूरे दिन मैदान पर पसीना बहाया। ट्रायल में अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने भाग लिया। सभी वर्गों के खिलाड़ियों का अलग-अलग परीक्षण किया गया। सबसे पहले खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता परखी गई। इसके तहत अंडर-14 वर्ग के खिलाड़ियों को मैदान के छह चक्कर, अंडर-17 वर्ग के खिलाड़ियों को सात और अंडर-19 वर्ग के खिलाड़ियों को आठ चक्कर लगाने पड़े। इसके बाद खिलाड़ियों की तकनीकी दक्षता, आक्रमण, क्षेत्ररक्षण, गेंद पर नियंत्रण, फिटनेस और टीम समन्वय का आकलन किया गया। दिनभर चले ट्रायल के बाद कुल 18 खिलाड़ियों का चयन किया गया। इनमें से आठ खिलाड़ियों को फुटबॉल आवासीय अकादमी में प्रवेश मिलेगा, जबकि 10 खिलाड़ियों को प्रतीक्षा सूची (आरक्षित श्रेणी) में रखा गया है। चयनित खिलाड़ियों की सूची खेल निदेशालय को भेजी जाएगी। अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद खिलाड़ियों को फोन के माध्यम से चयन की सूचना दी जाएगी। ट्रायल के दौरान जिला फुटबॉल संघ के जिलाध्यक्ष भारत भूषण जुयाल मुख्य अतिथि और महासचिव नरेंद्र चुघ विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। चयन प्रक्रिया का संचालन संघ के वरिष्ठ उपप्रधान राजेश भारद्वाज के नेतृत्व में किया गया। खिलाड़ियों का परीक्षण जिला खेल विभाग के कोच भूपिंद्र सिंह, कुरुक्षेत्र के कोच गगन सिंह, कैथल की कोच गीता रानी तथा प्रशिक्षक मंगला और तरुण की देखरेख में हुआ। अलग-अलग आयु वर्ग के कारण ट्रायल देर शाम तक चलते रहे। खेल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आवासीय अकादमी में बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिल सके। चयनित खिलाड़ी भविष्य में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।