तेजलीगांव में स्थित कब्रिस्तान की जमीन को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रशासन ने गुरुवार को बड़े पैमाने पर कब्जा हटाने की कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि यह जमीन काफी समय से मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा कब्जाई गई थी, जिसकी लगातार शिकायत स्थानीय ग्रामीणों द्वारा की जा रही थी। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान वक्फ बोर्ड के अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कब्रिस्तान की जमीन पर रखी गई गेहूं की फसल और अन्य सामान को जेसीबी मशीन की सहायता से हटाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह जमीन राजस्व रिकॉर्ड में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है और किसी भी व्यक्ति को इस पर खेती करने या कब्जा जमाने का अधिकार नहीं है। कब्रिस्तान की जमीन को खाली कराने के दौरान दोनों समुदायों के लोगों के बीच तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की। महिला पुलिस कर्मियों को भी मौके पर मौजूद रखा गया ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी या विवाद की स्थिति में तुरंत नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर गांव में दिनभर चर्चा बनी रही। हालांकि कुछ लोगों ने कब्जा हटाए जाने पर नाराजगी जताई, वहीं दूसरी ओर कई ग्रामीणों ने इसे प्रशासन का सही कदम बताया। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में और शांति बनाए रखते हुए की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे को बनाए रखें और किसी विवाद में न पड़ें।