जिले में आपदा प्रबंधन को लेकर व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें आगजनी और बाढ़ जैसी आपदाओं से बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। उपायुक्त प्रीति ने बताया कि मॉकड्रिल का उद्देश्य लोगों को आपदा के समय सतर्क रहकर सुरक्षित तरीके अपनाने के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि पानी का स्तर बढ़ने की स्थिति में ऊंचे स्थानों पर जाना, बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखना और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। जगाधरी स्थित स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल को मॉकड्रिल का मुख्य केंद्र बनाया गया। यहां भवन क्षतिग्रस्त होने की काल्पनिक स्थिति बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। भवन के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ, स्वयंसेवकों और रेडक्रॉस की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। गंभीर रूप से घायल लोगों को एंबुलेंस के माध्यम से सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि सामान्य रूप से घायल लोगों को पंचायत भवन में प्राथमिक उपचार दिया गया। मॉक ड्रिल के दौरान आग लगने की स्थिति में धुएं से बचने के लिए मुंह पर गीला कपड़ा रखने, घबराने की बजाय सुरक्षित निकास मार्ग अपनाने और तुरंत प्रशासन को सूचना देने के तरीके भी बताए गए। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्र टापू कमालपुर में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, बच्चों, पशुओं, चारे और खाद्य सामग्री को बचाने के उपायों का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान डीआरओ, जीएम, एसडीएम, डीएसपी, पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल से लोगों में आपदा के समय सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है।