दशहरा ग्राउंड में चल रही तीन दिवसीय गीता जयंती महोत्सव का आज समापन हो जाएगा। जबकि मंगलवार को महोत्सव में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियां देकर संस्कृति की झलक दिखाई। जिसे देखकर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाकर उनका हौंसला बढ़ाया। नगराधीश पीयूष गुप्ता ने प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों को अंत में पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवत गीता प्रेरणा स्त्रोत ग्रंथ है और गीता के संदेश को सभी अपने जीवन में अपनाए ताकि सभी का जीवन धन्य हो सकें। उन्होंने कहा कि गीता में कर्म का संदेश दिया गया है और कर्म मन से होता है। श्रीमद्भगवत गीता में संदेश दिया गया है कि निराशा का जीवन में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि गीता एकमात्र ऐसा ग्रन्थ जिसमें असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय व अधर्म पर धर्म की जीत का स्पष्ट संदेश है।