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यमुनानगर: ममीदी गांव में बाबा साहब की मूर्ति को मान्यता देने की मांग, प्रशासन से शांति बनाए रखने की अपील

शाहिल शर्मा Updated Mon, 20 Apr 2026 06:59 PM IST

जिले के वार्ड नंबर-13 स्थित गांव मुमीदी में डॉ. भीमराव आंबेडकर की स्थापित मूर्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अनुसूचित जाति समाज के लोगों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मूर्ति को कानूनी मान्यता दिलाने की मांग की है। समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि गांव मुमीदी खसरा नंबर-81 की भूमि पर पहले उनके बुजुर्ग पारंपरिक कार्य करते थे। वर्तमान में यह भूमि नगर निगम यमुनानगर के अधीन है, जहां एक हिस्से में पहले से ही डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन और सरकारी ट्यूबवेल स्थापित हैं। पिंकी, सीमा, रेखा, तारावती, किरण, दर्शन लाल, अर्जुन, रविंद्र, राकेश कुमार, रिंकू, मनीष, कर्मचंद, अमित, शीशपाल, अभिषेक, संजीव आदि का कहना है कि पिछले कई वर्षों से वे इस स्थान पर बाबा साहब की मूर्ति स्थापित करने की अनुमति के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम कमिश्नर और मेयर को कई बार लिखित आवेदन दे चुके थे। आरोप है कि मेयर द्वारा कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद समाज के लोगों ने आपसी सहमति से 11 अप्रैल 2026 को बाबा साहब की 135वीं जयंती के अवसर पर मूर्ति स्थापित कर दी। मूर्ति स्थापना के बाद कुछ लोगों द्वारा प्रशासन को शिकायत दी गई, जिसके चलते गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। समाज के लोगों का कहना है कि यह मुद्दा अब केवल एक गांव या जाति तक सीमित नहीं है, बल्कि बाबा साहब के सम्मान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि स्थापित मूर्ति को कानूनी मान्यता दी जाए, जिससे गांव में शांति बनी रहे और किसी प्रकार का सामाजिक तनाव न बढ़े। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से संवाद कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

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