हरियाणा सरकार पर 13 मई के समझौते को लागू न करने का आरोप लगाते हुए नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर जिले के मुख्य दमकल केंद्र में फायर कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों को जल्द लागू करने की मांग उठाई। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान विजेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन जिला सचिव रिंकू कुमार ने किया। यूनियन के राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि सरकार ने 13 मई को कर्मचारियों की जिन मांगों पर सहमति जताई थी, उन्हें लागू करने के लिए अब तक कोई सरकारी आदेश जारी नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार आश्वासन देकर कर्मचारियों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत फायर विभाग के ड्राइवरों और फायरमैनों को 30 जून तक नियमित करने, कर्मचारियों को 7,500 रुपये वर्दी भत्ता और 5,000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता देने पर सहमति बनी थी। इसके अलावा फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद रणबीर सिंह और भविचंद के आश्रितों सहित भविष्य में ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले कर्मचारियों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को नियमित सरकारी नौकरी देने सहित आठ प्रमुख मांगों को भी स्वीकार किया गया था। जिला सचिव सतीश कुमार, पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल शाखा के किशोर कुमार, जिला कोषाध्यक्ष ललित कुमार, उपप्रधान तेजिंदर सिंह, अमित कुमार, सुखबीर सिंह, जगविंदर सिंह, प्रदीप कुमार, विक्रम सिंह, विनोद कुमार, पंकज कश्यप, बृजभूषण, कुलदीप, नरेश कुमार, सतीश कुमार और भूपिंदर थापा ने कहा कि सरकार ने इन मांगों पर अमल करने के बजाय केवल आश्वासन दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 8 अगस्त तक सरकार लिखित आदेश जारी नहीं करती है तो राज्यव्यापी आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदलने के लिए कर्मचारी मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। गुलशन भारद्वाज ने बताया कि हड़ताली दमकल कर्मचारियों ने संयुक्त किसान मोर्चा और सीटू के आह्वान पर 10 अगस्त को आयोजित 'जेल भरो आंदोलन' में बढ़-चढ़कर भाग लेने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों, मजदूरों और किसानों की संयुक्त एकजुटता ही सरकार की वादाखिलाफी का जवाब देगी। यदि सरकार ने जल्द ही समझौते को लागू नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।