यमुनानगर। ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्रस्तावित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक उनके स्वास्थ्य खराब होने के कारण स्थगित कर दी गई। बैठक रद्द होने से जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे फरियादियों को निराश होकर लौटना पड़ा। इनमें एक ऐसा पीड़ित भी शामिल था, जो खाट पर लेटकर न्याय की गुहार लगाने पहुंचा था। पीड़ित ने बताया कि अप्रैल माह में बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद कुछ लोगों से कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि बाद में जब वह काम से लौट रहा था तो छह लोगों ने रास्ते में घेरकर उस पर रॉड, डंडों और तलवारों से हमला कर दिया। हमले में उसकी दोनों टांगों में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद से वह बिस्तर पर है और सामान्य रूप से चलने-फिरने में असमर्थ है। पीड़ित का आरोप है कि घटना को करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक केवल दो आरोपियों को ही गिरफ्तार कर सकी है। उसके अनुसार चार आरोपी अब भी फरार हैं और खुलेआम घूमते हुए उसे और उसके परिवार को लगातार धमकियां दे रहे हैं। इसी शिकायत को लेकर वह मंत्री अनिल विज के समक्ष न्याय की गुहार लगाने पहुंचा था, लेकिन बैठक स्थगित होने से उसकी उम्मीदों को झटका लगा। पीड़ित के परिजनों का कहना है कि वे लगातार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उनका आरोप है कि फरार आरोपियों के कारण परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है। परिजनों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर ही उन्हें न्याय मिलने का भरोसा होगा।