प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी का कहना है कि कांग्रेस का अगर हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सबसे ज्यादा लोकदलीकरण किया है। बेटे के लिए हुड्डा ने नवीन जिंदल, राव इंद्रजीत सिंह, रमेश कौशिक, धर्मबीर सिंह और किरण चौधरी जैसे नेताओं को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। फिर कहा जाता है कि उक्त नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में लगा था। जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बेदी रविवार को भाजपा के रोहतक स्थित प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। बेदी ने कहा कि लोकदल में भी बेटे का राजनीति भविष्य बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन हुड्डा ने तो लोकदल को भी पीछे छोड़ दिया। पहले पिता को बेटे के भविष्य की चिंता था, अब खुद के भविष्य की चिंता भी सताने लगी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस को उसी के हाल पर छोड़ देना चाहिए। कांग्रेस में तो ऐसे झगड़े होते रहते हैं, जो घर में मियां-बीबी के बीच होते हैं। अगर कोई विधानसभा में कांग्रेस से विपक्ष का नेता बन भी गया तो कांग्रेस ही उसके कपड़े फाड़ देंगे। विधानसभा चुनाव का परिणाम आने से पहले अधिकारियों के रवैये के सवाल पर बेदी ने कहा कि अभी मुख्यमंत्री नायब सैनी का हंसते रहने वाला चेहरा देखा है। उनके दृढ़ निश्चय वाला चेहरा भी पहचान लें। जो मुख्यमंत्री कहते हैं, वह करते हैं। 25 हजार युवाओं को नौकरी देना व डीएससी समाज को उसका हक देना हो। ये वादे सरकार बनते ही पूरे किए।