फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिवाली पर लोगों की सेहत से खिलवाड़! गंदगी मिली तो मिठाई फैक्टरी बंद, 500 किलो रसगुल्ले गड्ढे में दबाए

सोनीपत। दिवाली पर मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच लोगों की सेहत से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। देवड़ू रोड स्थित एक मिठाई फैक्टरी में गंदगी के बीच रसगुल्ले तैयार किए जा रहे थे। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने छापा डालकर 500 किलो रसगुल्ले और 20 किलो छैना बरामद किया। रसगुल्लों में मक्खियां और गंदगी मिलने पर विभाग ने बुलडोजर से गड्ढा खुदवाकर पूरी मिठाई नष्ट करवा दी। साथ ही फैक्टरी को बंद करा दिया गया। खाद्य पदार्थों के तीन नमूने लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ की प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। विभाग अब फैक्टरी संचालक का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी करेगा। रसगुल्लों में मिलीं मक्खियां, गंदगी के बीच तैयार हो रही थी मिठाई दिवाली के मद्देनजर मिलावटखोरी और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग अभियान चला रहा है। इसी के तहत डीओ डॉ. बीरेंद्र यादव और खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह की टीम ने देवड़ू रोड स्थित फैक्टरी पर छापा डाला। जांच के दौरान 500 किलो रसगुल्लों में मक्खियां और गंदगी मिली। वहीं, 20 किलो छैना में भी गंदगी पाई गई। खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई की। बुलडोजर से गड्ढा खोदवाकर नष्ट कराए रसगुल्ले और छैना कार्रवाई के दौरान बरामद 500 किलो रसगुल्ले और 20 किलो छैना को बुलडोजर से गड्ढा खोदवाकर नष्ट कराया गया। विभाग का उद्देश्य इन खाद्य पदार्थों को बाजार में पहुंचने से रोकना था। आशंका थी कि दिवाली के दौरान इन मिठाइयों की आपूर्ति बाजार में की जा सकती थी। गंदगी के बीच तैयार मिठाइयां लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए टीम ने मौके पर ही मिठाई नष्ट कराने की कार्रवाई की। तीन सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ भेजे, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रसगुल्ले और छैना के तीन नमूने लेकर जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला में भेजे हैं। अधिकारियों के अनुसार नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। पहले भी हो चुकी कार्रवाई, संचालक पर लगाया जा चुका है जुर्माना डीओ डॉ. बीरेंद्र यादव ने बताया कि फैक्टरी संचालक वकील के खिलाफ करीब दो साल पहले भी कार्रवाई की गई थी। उस समय उसे नोटिस देकर चेतावनी दी गई थी। इसके अलावा मामला एडीसी कोर्ट में भी चलाया गया था, जहां संचालक पर जुर्माना लगाया गया था। इसके बावजूद दोबारा फैक्टरी में गंदगी मिलने पर विभाग ने सख्त कदम उठाया है। फैक्टरी बंद कराई, अब लाइसेंस रद्द करने की तैयारी डीओ डॉ. बीरेंद्र यादव ने बताया कि फैक्टरी में सफाई व्यवस्था का ध्यान नहीं रखा जा रहा था। ऐसे समय में जब बीमारियों का प्रकोप बना हुआ है, खाद्य पदार्थों में गंदगी लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गंदगी मिलने के कारण फैक्टरी बंद करा दी गई है और संचालक का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें