पवित्र सावन माह के दूसरे दिन शुक्रवार को क्षेत्र के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा माहौल धर्ममय हो उठा। सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालु हाथों में जल, दूध, बेलपत्र और पूजा की थाली लिए मंदिरों में पहुंचने लगे थे। श्री राधे कृष्ण मंदिर, दत्ता कॉलोनी में भी सुबह से ही पूजन-अर्चन का दौर शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात मंदिर समिति द्वारा भव्य आरती का आयोजन किया गया और उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण हुआ। मंदिर के आचार्य भगवत शर्मा ने बताया कि सावन माह का प्रत्येक दिन बेहद पवित्र होता है, लेकिन शुक्रवार का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि सावन का शुक्रवार भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती और मां लक्ष्मी की कृपा पाने का अद्भुत संयोग लेकर आता है। इस दिन भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-शांति व धन-धान्य की वृद्धि होती है। इसके बाद दिनभर मंदिरों में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा और श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भोले बाबा का आशीर्वाद लिया।