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पलवल में पड़ताल: लघु सचिवालय में मधुमक्खियों का खतरा बरकरार, डीसी बोले- एक महीने में हटाए जाएंगे

जिला लघु सचिवालय की भीतरी इमारत पर पिछले एक वर्ष से सैकड़ों की तादाद में मधु मक्खियों के छत्ते लटक रहे हैं। जिनसे हर रोज यहां आने वाले हजारों लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, सचिवालय परिसर में प्रतिदिन लगभग 3 से 4 हजार लोग पहुंचते हैं। सचिवालय के बगल में ही जिला न्यायालय भी स्थित है। ऐसे में छत्तों के कारण यहां बड़ी घटना की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। इसी बिल्डिंग में जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग समेेत कई विभागों के कार्यालय के बाहर मधुमक्खियों के बड़े-बड़े छत्ते बने हुए हैं। इस कारण छज्जे के पास कोई भी आदमी ज्यादा देर खड़ा तक नहीं रह सकता है। इसके अलावा जिला खेल अधिकारी कार्यालय के बगल में बने नेता जी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम की छत पर पांच मधुमक्खियों के छत्ते होने की पुष्टि हुई है। यहां रहने वाले खिलाड़ी कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं। फिर भी नहीं हटवाया गया है। साथ ही पंचवटी मोक्षधाम में पीपल के पेड़ पर और जिला नागरिक अस्पताल परिसर की दीवार पर मधु मक्खियों का छत्ता लटक रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि बीते कुछ महीनों में मधुमक्खी हमले की तीन बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सैकड़ों लोग घायल भी हो चुके हैं। शहर में कई स्थानों पर मधुमक्खियों ने आतंक मचाया। मधुमक्खियों का झुंड अचानक आने से अफरातफरी हुई और कुछ लोग शिकार भी हुए। बावजूद इसके न तो छत्ते हटाए गए और न ही कोई सुरक्षा उपाय किए गए। सचिवालय में आने वाले आमजन, वकील, कर्मचारी और अधिकारी अब छत्तों के नीचे से निकलने से भी घबराने लगे हैं। मधुमक्खियों का झुंड कई बार सचिवालय के मुख्य गेट के पास उड़ते देखा गया है। कई बार शिकायत के बावजूद न तो छत्ते हटे और न ही प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था की। गत 23 मार्च को बलिदानी भगत सिंह के बलिदान दिवस पर विशाल यात्रा निकाली गई थी। जैसे ही यात्रा स्टेडियम में बने शहीद स्मारक पर पहुंची थी। यात्रा के साथ-साथ चल रहे डीजे सेट पर तेज गति से संगीता बजाने के आवाज और जनरेटर के धुएं से भड़की मधुमक्खियों ने यात्रा में पहुंचे लोगों पर हमला बोल दिया था। विशेषज्ञ डॉक्टर ने बताया कि गर्मी के मौसम में मधुमक्खियों का व्यवहार और अधिक आक्रामक हो जाता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से छत्ते हटाने की मांग की, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण कार्रवाई नहीं की गई। सचिवालय भवन की मरम्मत का कार्य चल रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत मधुमक्खी के छत्ते भी हटाए जाएंगे। एक महीने के भीतर सभी छत्ते हटा दिए जाएंगे। सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। - डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, जिला उपायुक्त, पलवल, निशांत पटेल की रिपोर्ट...

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