कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति बंद हुई तो रेहड़ियों से लेकर ढाबों तक घरेलू सिंलिडरों का उपयोग धड़ल्ले से चल रहा है। खाड़ी देशों में बने हालातों के बाद अब स्थानीय गैस एजेंसियों पर भी 30 प्रतिशत आपूर्ति कम हो गई है। एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ जमा होने लगी है। वहीं एजेंसी संचालकों की ओर से लोगों से जरूरत से अधिक स्टॉक न करने की अपील की जा रही है। संचालकों का कहना है कि वर्तमान हालातों के बाद लोगों में मांग अधिक बढ़ी है। 15 पूर्व जहां एक दिन में 700 सिलिंडरों की खपत होती थी वही अब बढ़कर 900 से अधिक पहुंच गई है। गैस एजेंसियों की ओर से कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति बंद करने के बाद अब ढाबों से लेकर चाय व फास्टफूड की रेहड़ियों पर धड़ल्ले से घरेलू सिलिंडरों का उपयोग हो रहा है। वीरवार को जब शहर में इसकी पड़ताल की गई तो गोशाला रोड पर पांच से अधिक फास्टफूड की रेहड़ियों पर घरेलू सिलिंडर उपयोग में पाए गए। वहीं शहर के आईटीआई रोड, रेलवे रोड, गोशाला रोड, सब्जी मंडी रोड, मसानी चौक, महाराणा प्रताप चौक पर 60 से अधिक छोटी स्टॉलों पर घरेलू सिलिंडरों से फास्टफूड से लेकर चाय तैयार किया जा रहा है। स्टेट 148बी के हाईवे किनारे 30 से अधिक छोटे ढाबों पर भी घरेलू गैस सिलिंडरों का उपयोग पाया गया। इसके लिए खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से कोई निगरानी तक नहीं की जा रही है। शहर में करीब 50 से अधिक छोटी फास्टफूड की स्टॉलों पर जहां पहले कमर्शियल सिलिंडरों का प्रयोग होता था अब उसके स्थान पर घरेलू सिलिंडर लग चुके हैं। कुछ स्टॉलों पर इन सिलिंडरों को फ्लैस व बैनरों से ढका गया है तथा कुछ को खुले में रखकर उपयोग में लाया जा रहा है।