नेशनल हाईवे 148 पर नांगल नूनिया के समीप स्कूली बच्चों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। यदुवंशी स्कूल थनवास और बालाजी स्कूल भुंगारका की बसों की आपसी टक्कर में कई स्कूली बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को बसों से बाहर निकाला और नांगल चौधरी के निजी अस्पताल पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश बच्चों को गंभीर चोटें नहीं आई हैं, लेकिन हादसा बड़ा रूप ले सकता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर स्कूली समय में तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही आम है, जबकि सुरक्षा के लिए न तो स्पीड कंट्रोल की ठोस व्यवस्था है और न ही चेतावनी संकेत पर्याप्त हैं। जानकारी के अनुसार सोमवार को स्कूल खुलने के बाद बसें बच्चों को लेने के लिए विभिन्न गांवों में पहुंच रही थी। लेकिन यदुवंशी स्कूल थनवास और बालाजी स्कूल भुंगारका की स्कूल बसें जब नेशनल हाईवे 148बी पर पंहुची तो एक दूसरे से आपस में टकरा गई। जिससे कई बच्चों को चोट आई है। लेकिन गनीमत रही कि बच्चों को ज्यादा गंभीर चोटें नहीं आई फिलहाल हादसे की जांच की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा व हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी। वहीं अभिभावकों में रोष है और वे स्कूली बसों की फिटनेस, ड्राइवरों की ट्रेनिंग और हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों की मांग कर रहे हैं। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि स्कूली वाहनों की निगरानी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी परीक्षा बनकर सामने आया है।